केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना मंत्रालय ने मेटा से फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम की समीक्षा करने को कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने चिंता जताई कि यूजर्स तक किसी एक या सीमित नैरेटिव वाला कंटेंट जरूरत से ज्यादा पहुंच सकता है। यह सलाह 10 अक्टूबर को जारी की गई थी, जिसकी जानकारी सोमवार, 19 अक्टूबर को सामने आई। मंत्रालय ने सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने, हिंसा भड़काने या गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली सामग्री की जांच मजबूत करने पर भी जोर दिया है ।
कंटेंट के साथ तारीख, जगह और संदर्भ देने पर जोर
मंत्रालय ने कहा है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों से जुड़े फोटो, वीडियो, ग्राफिक्स और अन्य सामग्री के साथ पर्याप्त संदर्भ दिया जाए। खासकर तब, जब यूजर्स के लिए कंटेंट की असलियत, तारीख, जगह या परिस्थितियों का पता लगाना आसान न हो । मेटा से ऐसे भ्रामक, एडिट किए गए या संदर्भ से हटाकर पेश किए गए कंटेंट की पहचान और जांच मजबूत करने को भी कहा गया है।
मंत्रालय की सलाह में किसी एक प्रदर्शन को इसका सीधा कारण नहीं बताया गया है। इसका मुख्य जोर सोशल मीडिया पर कंटेंट की सिफारिश करने वाले एल्गोरिदम, भ्रामक सामग्री और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े जोखिमों पर है ।