नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद के लिए आयोजित चिंतन शिविर का दूसरा चरण आज से शुरू होगा। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर यानी दो दिन चलने वाले इस चरण में केंद्रीय मंत्री शासन-व्यवस्था, नीति-निर्माण और सरकार की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन करेंगे।
इससे पहले 23 और 24 सितंबर को चिंतन शिविर के पहले चरण का आयोजन किया गया था। इसमें मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया गया था कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन से आगे बढ़कर सौ प्रतिशत लाभार्थी संतृप्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई थी।
इसके बाद इस दूसरे चरण में सेवा तीर्थ में आयोजित इस चिंतन शिविर के लिए 67 केंद्रीय मंत्रियों को चार अलग-अलग समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक समूह में सरकार के कामकाज और प्रशासन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श के साथ अनुभव साझा किए जा रहे हैं।
शिविर का उद्देश्य मंत्रियों के बीच बेहतर समन्वय, अनुभवों के आदान-प्रदान और शासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा करना है। इसके चलते योजनाओं के लाभ पहुंचाने की व्यवस्था और मापे जा सकने वाले कार्य बिंदुओं में बदलने की उम्मीद है।