नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे इंडिया गठबंधन के सांसदों ने नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को भी विपक्षी सांसद सड़कों पर उतरे थे। उस दिन 300 सांसद मौजूद थे। बुधवार को लगातार दूसरे दिन हुए प्रदर्शन से अखिलेश यादव समेत समाजवादी पार्टी के सांसदों ने दूरी बनाए रखी।
आकाशवाणी भवन का धरना और सपा की गैरमौजूदगी
मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अचानक आकाशवाणी भवन पहुंचकर धरने पर बैठ गए। देर रात दोनों को हिरासत में लेकर वहां से हटाया जा सका। अखिलेश यादव समेत दूसरे दलों के सांसदों को इससे पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। बुधवार को जब अखिलेश यादव और सपा के बाकी सांसद नहीं पहुंचे। तब सवाल उठने लगे कि क्या इंडिया गठबंधन में नाराजगी आ गई है। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सहयोगी दलों को कांग्रेस की ओर सिर्फ प्रदर्शन के बारे में बताया गया था। इसके बावजूद राहुल, प्रियंका और कुछ सांसद आकाशवाणी भवन पहुंच गए और देर रात तक प्रदर्शन करते रहे। सपा सांसदों की गैर मौजूदगी को इसी रणनीति को लेकर अखिलेश की नाराजगी की खबरों से जोड़कर देखा जा रहा है।
खड़गे के लंच में कौन पहुंचा
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नई दिल्ली के जनपथ रोड पर सागर रत्ना रेस्तरां में लंच रखा था। इसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और कई अन्य दलों के करीब 100 सांसद शामिल हुए। इसके बाद विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर मंतर पर चुनाव आयोग से जुड़े मामले को लेकर प्रदर्शन के लिए रवाना हुआ। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
कांग्रेस ने क्या सफाई दी
समाजवादी पार्टी, शिवसेना यूबीटी और एनसीपी शरद पवार के किसी सांसद के लंच में शामिल नहींहोने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेशन ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि लंच का फैसला मंगलवार देर रात लिया गया और उसी समय जानकारी दी गई। इसलिए स्वाभाविक था कि कुछ दलों के प्रतिनिधि नहीं आ सके।
जयराम रमेशन ने एक्स पर लिखा कि लंच के लिए इंडिया गठबंधन के सभी दलों को बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों में इस पर बेवजह टिप्पणी की जा रही है। उनके अनुसार इंडिया गठबंधन और अन्य विपक्षी दल वोट चोरी, एसआईआर और परिसीमन के खिलाफ एकजुट हैं और पूरी मजबूती से एक दूसरे के साथ खड़े हैं।
सपा सांसद क्या बोले
समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है कि पार्टी का कोई सांसद क्यों नहीं पहुंचा। लंच के समय दिल्ली में मौजूद इन सांसद ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि न्यौता मिला था या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर न्यौता मिला था तो अध्यक्ष यानी अखिलेश ने किसी को क्यों नहीं भेजा।