मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम फिर चर्चा में है । टाइगर इस हमले में सुरक्षित रहे लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए, पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से पकड़ा है। अब जांच का अहम सवाल है कि हमले की साजिश किसने रची और कथित गैंग कनेक्शन कितना मजबूत है । लॉरेंस बिश्नोई 2023 से गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। ऐसे में उसके नाम पर बाहर धमकियों और हमलों का नेटवर्क चलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कोटा में पकड़े गए संदिग्ध, गैंग कनेक्शन की जांच
कोटा पुलिस के मुताबिक, तीनों संदिग्धों में एक नाबालिग भी शामिल है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित का एक संदिग्ध से संपर्क था। पुलिस के अनुसार हमले के बाद आरोपी नेपाल भागने की योजना बना रहे थे । अब मुंबई पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
जेल से बाहर नेटवर्क कैसे काम करता है?
ऐसे मामलों में गैंग का नेटवर्क जेल में बंद सरगना के कथित सहयोगियों दूसरे राज्यों में मौजूद लोगों और सोशल मीडिया पर धमकी देने वालों के जरिए सक्रिय रह सकता है। लेकिन हर मामले में यह साबित करना जरूरी है कि निर्देश किसने दिए और हमले की योजना किसने बनाई । टाइगर श्रॉफ मामले में भी पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आए जिम्मेदारी के दावे और संदिग्धों के संपर्कों की जांच कर रही है । लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ की प्रक्रिया भी कानूनी पाबंदियों के दायरे में है। फिलहाल इस हमले में उसकी सीधी भूमिका और नेटवर्क की पूरी कड़ी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।