अमेरिका के न्यू जर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NJIT) ने अपने 2026 Nexus of Excellence Awards में तीन भारत में जन्मे विद्वानों को सम्मानित किया है। अरीत्र दासगुप्ता, अशिष बोर्गोंकर और शाहिद अकबर को शिक्षण और शिक्षा में योगदान के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले।
विश्वविद्यालय ने 14 अक्टूबर को आयोजित समारोह में शिक्षण, शोध, मार्गदर्शन और सामुदायिक योगदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया।
अशिष बोर्गोंकर को दो श्रेणियों में पहचान
NJIT के स्कूल ऑफ एप्लाइड इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में एसोसिएट प्रोफेसर अशिष बोर्गोंकर को Master Teacher का सम्मान मिला। यह विश्वविद्यालय का शिक्षण क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान है । उन्हें शिक्षा में नवाचार के लिए भी पुरस्कार दिया गया।
बोर्गोंकर Newark College of Engineering के Grand Challenges Scholars Program के संस्थापक निदेशक भी हैं। उनके काम में शिक्षण के नए तरीके विकसित करना और विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना शामिल है।
डेटा विजुअलाइजेशन और मटेरियल साइंस में योगदान
अरीत्र दासगुप्ता को ग्रेजुएट स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षण के लिए सम्मानित किया गया। वह NJIT के डेटा साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं । उनका शोध डेटा को समझने और प्रस्तुत करने की ऐसी तकनीकों पर केंद्रित है, जिनसे लोग जटिल जानकारियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
वहीं, जम्मू-कश्मीर से जुड़े शाहिद अकबर को Excellence in Instruction by Teaching Assistants पुरस्कार मिला, वह NJIT में पीएचडी के तीसरे वर्ष के शोधार्थी हैं। उनका शोध बहुउपयोगी पदार्थों और उनके गुणों के अध्ययन पर केंद्रित है। इन तीनों की उपलब्धियां उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भारतीय मूल के विद्वानों के योगदान को रेखांकित करती हैं।