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रांची/डेस्क: झारखण्ड विधानसभा के मानसून सत्र में सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मैं विपक्ष के साथियों को कुछ बताना चाहता हूं. इनकी आशाएं को पूरा करने में कई जन्म लेना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि दो चार दिनों से जो चल रहा है, हमें लगा कि विपक्ष में कोई बात होगी, लेकिन ऐसा नहीं था. कुछ-कुछ करके ये खुद को जिंदा रखे हुए हैं. छात्रों की आड़ में ये लोग काम कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रति गंभीर है. सरकार की मंशा राज्य जानता है. विपक्ष राज्य के भविष्य को क्या सीख देना चाहता है. परीक्षा की जांच हो रही है. उन्होंने कहा कि सारी चीजें मकड़जाल की तरह इन्होंने बुना है. यूपी से षड्यंत्र हुआ. टीडीपीएल यूपी से है.
भाजपा वाले पहले भगवा भेष में ठगते थे, अब छात्रों के भेष में ठगते हैं: हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने छात्रों के लिए कई निर्णय लिया है. सरकार की मंशा स्पष्ट है. उन्होंने कहा, भैंस के आगे बीन बजाने से फायदा नहीं. कल जो हुआ सबने देखा. भाजपा वाले पहले भगवा भेष में ठगते थे, अब छात्रों के भेष में ठगते हैं. समित दायरे तक कल कुछ लोग आए. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हम कई परीक्षाएं रद्द कर रहे हैं.
सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा (PT) समेत वर्ष 2023 और 2025 में JPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा. इसके साथ ही सरकार ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षाओं के अलावा FRO, APP और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच कराने का ऐलान किया है.
JSSC CGL भी जांच के दायरे में
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद JSSC CGL परीक्षा भी जांच के दायरे में आ गई है. दरअसल, JSSC CGL परीक्षा का आयोजन TDPL के माध्यम से कराया गया था. ऐसे में TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच के सरकार के फैसले का असर CGL परीक्षा पर भी पड़ेगा. परीक्षाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन और विपक्ष के विरोध के बीच मुख्यमंत्री ने सदन में सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार की जरूरत है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी.
IIT, IIM और XLRI से ली जाएगी राय
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से परामर्श करेगी. उन्होंने IIT, IIM और XLRI जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों से सलाह लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार लागू करने की बात कही. सरकार का प्रयास परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने का होगा, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंकाओं को कम किया जा सके.
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