न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: झारखंड के बहुचर्चित पर्यटन एवं ऊर्जा घोटाला मामले में आरोपी अर्घ्य सेन गुप्ता उर्फ अर्नब गांगुली को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली हैं. सरकारी खजाने से करीब 116 करोड़ रूपए के गबन मामले में हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने उन्हें तीन अलग-अलग मामलों में जमानत दे दी हैं. न्यायधीश रंगन मुखोपाध्याय की बेंच ने BA 11192/26, BA 11168/26 एवं 11230/26 तीनों मामले में याचिका को स्वीकृति दे दी गई.
जेल से बाहर आने का रास्ता साफ
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अर्घ्य सेन गुप्ता के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया हैं. यह मामला झारखंड के चर्चित “JTDCL – ऊर्जा घोटाले" से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच CID कर रही हैं. जांच एजेंसी ने इस मामले में अर्घ्य सेन गुप्ता समेत दो लोगों को आरोपी बनाया था. अन्य आरोपी पहले से जमानत पर थे और अब मास्टरमाइंड को भी राहत मिल गई हैं.
फर्जी दस्तावेजों के जरिए लगाया करोड़ों का चूना
CID की चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से सरकारी संस्थानों को निशाना बनाया. झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (JTDCL) और ऊर्जा उत्पादन निगम के नाम पर फर्जी लेटरहेड, नकली आदेश और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करोड़ों रूपए की हेराफेरी की गई. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सरकारी खातों से मिलते-जुलते नामों वाले फर्जी बैंक खाते खुलवाए और सरकारी फंड को उन्हीं खातों में ट्रांसफर करा दिया. पूरा नेटवर्क पहले से ही जालसाजों के नियंत्रण में था.
CID के मुताबिक, घोटाले को अंजाम देने के लिए फिक्स डिपॉजिट (FD) के नाम पर भी बड़ा खेल किया गया. विभिन्न बैंकों से कोटेशन मंगाकर कागजातों में हेरफेर की गई और अधिक ब्याज दर दिखाकर चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया. जांच एजेंसी का दावा है कि बैंक फाइनल होने के बाद असली सरकारी खातों में रकम जमा करने के बजाय पैसे फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे. इसी तरीके से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया.
यह भी पढ़े: उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक मामला: 6 आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई