मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सीसीएल एनके एवं पिपरवार सीआईएसएफ यूनिट ने अवैध कोयला खनन, भंडारण और तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है. गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष सर्च एवं कॉम्बिंग ऑपरेशन में पिपरवार स्थित पीएलआर कैंप के पीछे से 83.160 टन अवैध रूप से संग्रहित कोयला बरामद कर जब्त किया गया. जब्त कोयले को एमएमडीआर अधिनियम (MMDR Act) के तहत वैधानिक कार्रवाई के लिए संबंधित प्रक्रिया में लिया गया है.
सीआईएसएफ को सूचना मिली थी कि कोयला चोरों द्वारा पीएलआर कैंप के पीछे बड़ी मात्रा में चोरी का कोयला जमा किया गया है, जिसे तस्करी के जरिए बाहर भेजने की तैयारी चल रही है. सूचना मिलते ही कमांडेंट अमित कुमार के निर्देश पर विशेष अभियान गठित किया गया. टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर गहन तलाशी ली, जहां अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से जमा कोयला बरामद हुआ. इसके बाद पूरे कोयले को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई.
अभियान का नेतृत्व उप कमांडेंट अजय कुमार पांडेय ने किया, जबकि सहायक कमांडेंट हर्ष लवानिया के नेतृत्व में निरीक्षक संतोष बिन्हा, उप निरीक्षक अनिल कुमार राय, सहायक उप निरीक्षक शकिशन दास, शिवनेश समेत सीआईएसएफ के अधिकारी एवं जवान अभियान में शामिल रहे. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीम ने पूरे अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
कमांडेंट अमित कुमार ने कहा कि कोयला देश की अमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी चोरी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर अपराध है. उन्होंने कहा कि एमएमडीआर अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग पूरी निष्पक्षता और सख्ती से किया जा रहा है. एनके एवं पिपरवार क्षेत्र में "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत अवैध खनन, भंडारण और तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या गिरोह को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ द्वारा लगातार विकसित किए जा रहे आसूचना तंत्र, नियमित गश्त, विशेष सर्च ऑपरेशन और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध कोयला कारोबार पर प्रभावी अंकुश लग रहा है. हाल के महीनों में लगातार हुई बड़ी जब्ती की कार्रवाइयों से कोयला तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है. सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा और अवैध कोयला कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सदा तत्परता से कार्य करता रहेगा.
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