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रांची/डेस्क: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में जेल में बंद 6 आरोपियों की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपियों के आपराधिक इतिहास का रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया. अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि अगली सुनवाई तक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया तो मामले के अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) को स्वयं कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा. अब इस मामले में अगली सुनवाई 26 मई को होगी.
बताया जा रहा है कि आरोपी आशीष कुमार, विकास कुमार और योगेश प्रसाद अंतरराज्यीय पेपर लीक और पेपर सॉल्वर गिरोह के एजेंट हैं. वहीं इस मामले में अब तक 150 से अधिक आरोपी अभ्यर्थियों को जमानत मिल चुकी हैं.
बता दें कि, 11 अप्रैल को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 166 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. तमाड़ के रड़गांव में एक अर्धनिर्मित भवन से अभ्यर्थियों और गिरोह के सदस्यों को पकड़ा गया था. पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को जमा कर प्रश्न और उनके उत्तर रटाए जा रहे हैं. सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी दल ने 11 अप्रैल की देर रात कार्रवाई की. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो भवन के बाहर बड़ी संख्या में वाहन खड़े थे. छापेमारी की भनक लगते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 166 लोगों को धर दबोचा. बाद में मामले में कई अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई. इस मामले में अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह के कथित सरगना और एजेंटों में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम शामिल हैं. पूरे मामले को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई हैं.
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