नीरज कुमार साहू/न्यूज11 भारत
बसिया/डेस्क: गुमला जिले के बसिया प्रखंड सहित पूरे अनुमंडल क्षेत्र में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है. ईंधन की इस भारी कमी के कारण स्थानीय लोग और आम राहगीर बेहद परेशान हैं. आलम यह है कि प्रखंड के लगभग सभी पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद पड़े हैं, जिससे क्षेत्र की रफ्तार पर ब्रेक सा लग गया है.
अस्पताल और स्कूल जाने में हो रही भारी परेशानी
स्थानीय ग्रामीणों और आम जनता का कहना है कि पेट्रोल-डीजल न मिलने के कारण रोजमर्रा के काम पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. लोगों को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल जाने, बच्चों को स्कूल भेजने और इस लगन के मौसम में शादी-ब्याह व बारात जाने के लिए भी सैकड़ों बार सोचना पड़ रहा है. वाहनों में ईंधन न होने के कारण कई जरूरी काम ठप पड़ गए हैं.
आम जनमानस ने कहा कि इस संकट की घड़ी में हम देश के साथ खड़े हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल अब हमारे जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. केंद्र और राज्य सरकार को इस मामले में तुरंत कोई ठोस कदम उठाना चाहिए, ताकि इस मुसीबत से आम जनता को राहत मिल सके.
घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे लोग
क्षेत्र के इक्का-दुक्का पेट्रोल पंपों पर जहाँ तेल उपलब्ध भी हो रहा है, वहाँ सुबह से ही वाहनों की बेहद लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं. इसके बावजूद, सीमित स्टॉक होने के कारण भारी संख्या में लोगों को बिना तेल लिए ही खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे आम जनता में मायूसी और आक्रोश है.
पूरे अनुमंडल क्षेत्र का बुरा हाल
तेल की यह किल्लत सिर्फ बसिया मुख्यालय तक सीमित नहीं है. बसिया अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले अन्य प्रखंडों,कामडारा, पालकोट, सिसई और भरनो का भी यही हाल है. शहरी इलाकों के बाद अब यह संकट ग्रामीण इलाकों में भी पूरी तरह पैर पसार चुका है, जिससे पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है.
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