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रांची/डेस्क: ईद-अल-अज़हा (बकरीद) के मौके पर एक नेता ने राज्यवासियों और देशवासियों को मुबारकबाद देते हुए प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि बकरीद का त्योहार त्याग, बलिदान और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है.
उन्होंने कहा कि हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी इंसान को सच्चाई, ईमान और इंसाफ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है. बकरीद केवल जानवर की कुर्बानी का पर्व नहीं, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों जैसे नफरत, लालच और अहंकार को खत्म करने का भी संदेश देती है. उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, सामाजिक सौहार्द और एक-दूसरे की मदद करने की भावना को मजबूत करता है. इस अवसर पर उन्होंने झारखंडवासियों से सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की.
भाजपा पर लगाया आरोप
उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एसएआर प्रक्रिया के जरिए आदिवासी और मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर सूची से हटाने की साजिश की जा रही है. उनका आरोप है कि गरीब, मजदूर, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज को संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने की कोशिश हो रही है.
उन्होंने दूसरे राज्यों में काम करने गए झारखंडवासियों से जल्द घर लौटकर अपने और अपने परिवार के नाम वोटर सूची में सुरक्षित रूप से दर्ज होने की जांच करने की अपील की. उन्होंने दावा किया कि कई परिवारों में 10 में से 4-5 लोगों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि अगर लोगों के नाम वोटर आईडी, आधार या सरकारी रिकॉर्ड से हटाए जाते है तो भविष्य में उन्हें घुसपैठिया बताकर उनके अधिकार छीने जा सकते है. इससे जमीन-जायदाद, बैंक खाते, सरकारी योजनाओं और अन्य नागरिक अधिकारों पर असर पड़ सकता है. अंत में उन्होंने सभी लोगों से एसएआर प्रक्रिया में गंभीरता से भाग लेने, अपने परिवार और समाज के लोगों का नाम सत्यापित कराने तथा जागरूकता फैलाने की अपील की. साथ ही एक बार फिर ईद-अल-अज़हा की मुबारकबाद देते हुए सभी की जिंदगी में अमन, खुशहाली और बरकत की दुआ की.
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