अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले के चिनिया प्रखंड क्षेत्र के रानीचेरी गांव में सोमवार को झारखंड वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, गढ़वा दक्षिणी वन प्रमंडल के तत्वावधान में 77वें वन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी शामिल हुए. दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें डीएफओ एबिन बेनी अब्राहम, रेंजर अजय टोप्पो, जिला परिषद सदस्य बनारसी सिंह, उप प्रमुख सुनैना देवी, समाजसेवी मोहम्मद फरीद खां, विधायक प्रतिनिधि रिंकू तिवारी, मुखिया गोपाल यादव, महावीर सिंह, विजय सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
वन विभाग की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया. कार्यक्रम में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि वन महोत्सव सभी उत्सवों में सबसे बड़ा उत्सव है. जंगल है तो जल है, जल है तो जीवन है. यदि जंगल नहीं बचेंगे तो मानव जीवन भी सुरक्षित नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि लगातार हो रही अंधाधुंध वृक्षों की कटाई के कारण ही जंगली हाथी और अन्य वन्यजीव गांवों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं. उन्होंने लोगों से जंगलों को बचाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि आज राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार ऐसे कार्यक्रम आयोजन कर लोगों को जागरुक कर रही है ताकि लोग जागरुक हो और हर एक व्यक्ति जंगल बचाने में अपना योगदान दे. वही समाजसेवी मोहम्मद फरीद खां ने कहा कि लोग केवल महुआ के पेड़ को उसकी आय के कारण बचाते हैं, जबकि जंगल का हर पेड़ मानव जीवन और पर्यावरण के लिए अमूल्य है. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को प्रकृति संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए. कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और वृक्षारोपण के महत्व पर अपने विचार रखे तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया. अंत में सभी अतिथियों के द्वारा पौधा रोपण भी किया गया.कार्यक्रम का संचालन संजय प्रसाद ने की इस अवसर पर भाजपा नेता कपिल प्रसाद, शिवलाल सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, गरीबा शाह, गुड्डू यादव, छोटू यादव, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
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