प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत
भरनो/डेस्क: “दया धर्म का मूल है,पाप मूल अभिमान.तुलसी दया न छोड़िए,जब लग घट में प्राण॥” जैसे प्रेरणादायी संदेशों के रचयिता एवं महान भक्त कवि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती बुधवार को सीताराम साव सरस्वती शिशु विद्या मंदिर,भरनो के विवेकानंद सभागार में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को गोस्वामी तुलसीदास के जीवन, साहित्य,आदर्शों और उनके द्वारा दिए गए मानवीय मूल्यों से परिचित कराना था. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार राय ने दीप प्रज्वलित कर किया.
इसके बाद विद्यालय के आचार्य वीरेंद्र कुमार ने गोस्वामी तुलसीदास के जीवन परिचय एवं उनके साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि तुलसीदास ने अपने साहित्य के माध्यम से समाज को भक्ति,मर्यादा,सदाचार,दया,सेवा और मानवता का संदेश दिया.इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों ने भी गोस्वामी तुलसीदास के जीवन एवं व्यक्तित्व पर संभाषण प्रस्तुत किया.
विद्यार्थियों ने तुलसीदास की रचनाओं और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प व्यक्त किया. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भक्त कवि तुलसीदास के विचारों और उनके साहित्य से जुड़े विभिन्न प्रसंगों की चर्चा की गई.प्रधानाचार्य सुरेश कुमार राय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास का जीवन समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है.उनके साहित्य में भारतीय संस्कृति,संस्कार,भक्ति और नैतिक मूल्यों की गहरी झलक मिलती है.उन्होंने विद्यार्थियों से तुलसीदास के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने आचरण में दया,विनम्रता, अनुशासन और सेवा भाव को अपनाने की अपील की.निबंध,चित्रकला व सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन,तुलसीदास जयंती के अवसर पर विद्यालय में निबंध, चित्रकला एवं सुलेख प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. प्रतियोगिताओं में विद्यालय के भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.विद्यार्थियों ने तुलसीदास के जीवन, उनकी रचनाओं तथा भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर सुंदर चित्र और लेख प्रस्तुत किए.प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले सफल प्रतिभागियों को विद्यालय की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया.शिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में रचनात्मकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं.कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के आचार्य वीरेंद्र कुमार,धर्मेंद्र कुमार सिंह,संतोष कुमार तिवारी,लिविंग केरकेट्टा,आचार्या संयुक्त देवी,पूनम सारंगी सहित विद्यालय के भैया-बहन उपस्थित रहे.कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को गोस्वामी तुलसीदास के आदर्शों को आत्मसात कर संस्कारवान एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश देते हुए किया गया.
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