बृजेश मिश्रा, मुंशीगंज: रायबरेली-सुल्तानपुर मार्ग पर सनहा गांव के पास बांदा-टांडा हाईवे पर हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। ट्रक चालक नरेंद्र कुमार यादव की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शुक्रवार रात हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल नरेंद्र ने शनिवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
तीन दिन पहले काम के लिए निकला था नरेंद्र
नरेंद्र तीन दिन पहले ही ट्रक लेकर काम के सिलसिले में घर से निकला था। परिवार को उम्मीद थी कि वह काम पूरा कर वापस लौटेगा, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी। हादसे के बाद गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए सुल्तानपुर रेफर किया गया था। परिजन उसके ठीक होने की आस लगाए बैठे थे, लेकिन शनिवार सुबह उसकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया।

चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था नरेंद्र
मृतक के पिता का नाम अनंत प्रसाद यादव और माता का नाम जगराना है। चार भाइयों में नरेंद्र तीसरे नंबर पर था। उससे बड़े भाई अरविंद और धर्मेंद्र हैं, जबकि छोटा भाई सुरेंद्र कुमार यादव है। परिवार में एक बहन सीमा भी है। अरविंद और नरेंद्र की शादी हो चुकी थी। हालांकि, नरेंद्र का पत्नी से करीब छह महीने पहले संबंध विच्छेद हो गया था।
ट्रक चलाकर परिवार की आर्थिक मदद करता था
नरेंद्र के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। पिता और भाई मजदूरी के साथ खेती-किसानी करके घर का खर्च चलाते हैं। नरेंद्र ट्रक चलाकर परिवार की आर्थिक मदद करता था। उसकी कमाई से घर के खर्च में सहयोग मिलता था। ऐसे में उसकी अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
एक हादसे ने छीन लिया परिवार का सहारा
नरेंद्र की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के जिस सदस्य से आर्थिक मदद की उम्मीद थी, उसके असमय चले जाने से सभी सदमे में हैं। एक तरफ बेटे और भाई को खोने का गम है, तो दूसरी तरफ भविष्य की चिंता भी परिवार को सता रही है। रफ्तार के कहर ने परिवार को ऐसा दर्द दिया है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा।