इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में राजवाड़ा के सामने रविवार को दर्दनाक बस हादसा हुआ था। एक्सीडेंट के बाद प्रशासन ने इस इलाके को नो बस जोन घोषित कर दिया है। पीएम ई बस सेवा की चपेट में आने से एक व्यक्ति की जान गई और दो लोग घायल हुए। रोज हजारों लोग राजवाड़ा और आसपास के बाजार में आते हैं। इसलिए सुरक्षा को देखते हुए अब यहां बसें खड़ी नहीं होंगी। दूसरी तरफ इसी इलाके में ई-रिक्शा चालक अब भी कहीं भी गाड़ी रोककर सवारी बैठाते दिखे।
रविवार को राजवाड़ा पर क्या हुआ?
रविवार को राजवाड़ा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई। जब पीएम सिटी बस ने सड़क से गुजर रहे राहगीरों को टक्कर मार दी। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के बाद चौक पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने बस से यात्रियों को बाहर निकाला और पथराव कर दिया। बस के कांच टूट गए।
पुलिस जांच में चालक की लापरवाही
एमजी रोड पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में बस चालक की लापरवाही सामने आई है। पुलिस चालक की भूमिका, बस की रफ्तार और हादसे के वक्त के हालात को खंगाल रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि चालक ने बस से नियंत्रण कैसे खोया और लोग उसकी चपेट में कैसे आए। शुरुआत में चालक ने ब्रेक फेल होने की बात कही थी।
एजेंसी और एआईसीटीएसएल के जवाब
बसों का संचालन केंद्र सरकार की नियु्क्त ग्रीन सेल मोबिलिटी एजेंसी कर रही है। एजेंसी प्रमुख रोशन अग्रवाल ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वे शहर के बाहर हैं। सोमवार को लौटकर जानकारी देने की बात कहकर उन्होंने फिलहाल कुछ भी बताने से मना कर दिया। एआईसीटीएसएल के सीईओ अर्थ जैन ने बताया कि चालकों की नियुक्ति एजेंसी ही करती है। इसमें एआईसीटीएसएल की कोई भूमिका नहीं है। उनका कहना है कि बसें इसी साल बनी नई हैं। इसलिए ब्रेक फेल होना संभव नहीं लगता। शहर में पीएम ई सेवा के तहत 70 बसें चल रही हैं। ये बसें आरटीओ फिटनेस समेत सभी नियमों के तहत चलाई जा रही हैं। एजेंसी को पीपीपी मॉडल में हर 58 किमी के हिसाब से भुगतान होता है। जैन के अनुसार, चाल की लापरवाही की जांच जारी है और पुलिस नियमानुसार एफआईआर की कार्रवाई कर रही है।
ई-रिक्शा पर अब तक कोई रोक नहीं
नो बस जोन की घोषणा के बावजूद ई-रिक्शा पर कोई पाबंदी नहीं लगी है। राजवाड़ा जैसे भीड़ वाले इलाके में ई-रिक्शा चालक जहां चाहे वहां रुककर सवारी उठा रहे हैं।