बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-30 पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मरकाटोला घाट इलाके में भारी बारिश के बीच करीब साढ़े 11 बजे सड़क किनारे खड़े एक डीजे वाहन को पीछे से गेहूं लदे ट्रक ने जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर की रफ्तार इतनी तेज थी कि ट्रक डीजे वाहन को घसीटते हुए काफी दूर तक ले गया।
इस भीषण हादसे में डीजे वाहन में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। एक व्यक्ति के ट्रक के नीचे फंसे होने की भी खबर है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे का पता चलते ही स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए थे।
राहत-बचाव में जुटी टीमें,घायल अस्पताल रेफर
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग सबसे पहले मदद के लिए दौड़े। उन्होंने वाहन से घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल धमतरी भेजा गया। पुरूर थाना पुलिस,पेट्रोलिंग टीम और यातायात विभाग की टीमें भी तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को संभालने में जुट गईं। फिलहाल मृतकों और घायलों की पूरी पहचान व आधिकाधिक आंकड़ों की पुष्टि की जा रही है।
रात से ही लैंड स्लाइड ने बढ़ाई थी मुश्किल
दरअसल, इस हादसे से पहले ही मरकाटोला घाट से मुसीबत शुरू हो चुकी थी। बीती रात से लगातार हो रही भारी बारिश के चलत पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएँ सामने आ रही थीं। इससे इलाके में लैंडस्लाइड की स्थिति बन गई थी। सड़क के बीच एक बड़ा पत्थर गिरने से पहले ही वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई थी। ठीक इस दौरान डीजे वाहन और ट्रक के बीच हुई टक्कर ने हालात और बिगाड़ दिया।
नेशनल हाइवे पर अब भी बना हुआ है खतरा
भारी बारिश की वजह से मरकाटोला घाट पर सड़क की हालत और यातायात व्यवस्था, दोनों पर असर पड़ा है। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने का खतरा अभी टला नहीं हैं। इसकी वजह से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को खासी सावधानी बरतनी पड़ रही है। हादसे के बाद कुछ देर के लिए एनएच 20 पर वाहनों की आवाजाही भी बाधित हुई। हालांकि पुलिस और यातायात टीम ने मोर्चा संभालते हुए रास्ते को जल्द सुचारू कराने की कोशिश शुरू कर दी।
हादसे की वजह का पता लगाने की जांच में जुटी पुलिस
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने हादसे की वजहों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। यह देखा जा रहा है कि क्या टक्कर सिर्फ बारिश और खराब विजिबिलिटी की वजह से हुई या लैंडस्लाइड के चलते बदली सड़क की स्थिति भी इसका एक कारण बनी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों के समुचित इलाज और मरकाटोला घाट में यातायात को सामान्य बनाने पर है।