बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में खुद को यूट्यूबर बताकर शिक्षक से पैसे मागने वाले दीपक यादव को आखिरकार जेल जाना पड़ा। उसके साथ श्रवण यादव और सूर्या यादव भी न्यायिक रिमांड पर भेजे गए हैं। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने शासकीय प्राथमिक शाला पुटसु के प्रभारी प्रधान पाठक को निलंबित कराने की धमकी देकर 10 हजार रुपये की मांग की थी।
हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत तो किया सरेंडर
मामला दर्ज होते ही तीनों आरोपी फरार हो गए थे। मुख्य आरोपी दीपक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बिलासपुर हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई। लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता देखते हुए उसे खारिज कर दिया। उधर पुलिस की दबिश भी लगातार जारी थी। हर तरफ से घिरने के बाद 14 अक्टूबर 2026 को तीनों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। वहां से पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
स्कूल में घुसकर बनाया वीडियो
बता दें कि यह घटना पस्ता थाना क्षेत्र के पुटसु गांव की है। प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने पुलिस को बताया कि टांगरमहरी का रहने वाला 23 साल का दीपक यादव उनसे 10 हजारर रुपये मांग रहा था। शिक्षक ने साफ मना कर दिया। इसके बाद 25 अगस्त 2026 की दोपहर दीपक के दो साथी श्रवण यादव और सूर्या यादव जबरन स्कूल में घुस आए। दोनों ने बिना किसी अनुमति के स्कूल परिसर में वीडियो बनाना शुरू कर दिया और शिक्षक से बदसलूकी की। उन्होंने धमकी दी कि तुरंत पैसे नहीं मिले तो वीडियो यूट्यूब और फेसबुक पर डालकर पूरे समाज में बदनाम कर देंगे। इतना ही नहीं तुम्हें विभाग से सस्पेंड भी करा देंगे।
पैसे नहीं दिए तो वायरल किया एडिट वीडियो
प्रधान पाठक अपनी बात पर टिके रहे और एक रुपया भी नहीं दिया। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो को तोड़ मरोड़कर एडिट किया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। पुलिस के अनुसार, इस भ्रामक वीडियो से स्कूल की साख और शिक्षक की सामाजिक छवि को गहरी चोट पहुंची। शिकायत मिलते ही पस्ता थाने पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत गैर जमानती अपराध दर्ज किया।
गवाहों के बयान और वीडियो फुटेज बने सबूत
आरोपियों की तलाश के साथ पुलिस ने सबूत भी जुटाए। जांच अधिकारी ने मौके पर जाकर हालात देखे और गांव के लोगों व स्कूल के कर्मचारियों के बयान लिए। सोशल मीडिया पर चले वीडियो के स्क्रीनशॉट और फुटेज को पेन ड्राइव में जब्त किया गया।
पुलिस की आम जनता से अपील
बलरामपुर पुलिस ने आम लोगों और सोशल मीडिया क्रिएटरों से जिम्मेदारी से काम करने को कहा है। बिना तथ्य जांचे किसी व्यक्ति या संस्था की छवि खराब करने वाला कंटेंट फैलाना कानूनन अपराध है। अगर कोई खुद को यूट्यूबर या रिपोर्टर बताकर वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए पैसे मांगे तो घबराए नहीं। सीधे नजदीकी थाने पहुंचें या फिर 112 पर शिकायत दर्ज कराएं।