भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई के चरोदा डी केबिन इलाके की महिलाओं के लिए गुरुवार का दिन राहत लेकर आया। लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद होने से परेशान ये महिलाएं लंबे समय से आवाज उठा रही थीं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के डीआरएम दयानंद ने मौके पर पहुंचकर भरोसा दिलाया कि जल्द ही यहां लोकल ट्रेनें फिर से रुकेंगी। यह सुनते ही महिलाओं की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
ठहराव बंद होने के बाद से थी नाराजगी
डी केबिन और सी केबिन में लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद किए जाने के बाद से लोगों में नाराजगी थी। ग्रामीणों की मांग थी कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए यहां पहले की तरह ट्रेनें रोकी जाएं। इसी सिलसिले में गुरुवार को डीआरएम दयानंद मौके पर पहुंचे। उन्होंने डी केबिन का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
तीन किमी पैदल चलना, रात में अंधेरे का डर
ग्रामीण महिलाओं ने डीआरएम को बताया कि दो स्टॉपेज बंद होने के बाद रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है। जरूरी काम से आने-जाने के लिए उन्हें करीब तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में होती है, जब ट्रेन से उतरकर अंधेरे रास्तों से पैदल गांव पहुंचना पड़ता है। महिलाओं ने कहा कि इस दौरान वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। ठहराव बंद होने से यात्रा सिर्फ असुविधाजनक ही नहीं हुई, सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।
भावुक हुईं महिलाएं, डीआरएम ने रोका
अपनी परेशानी बताते हुए कई महिलाएं भावुक हो गईं। उनकी तकलीफ देखकर डीआरएम ने भरोसा दिलाया कि लोकल ट्रेनों का ठहराव शुरू करने की दिशा में जल्द कदम उठाए जाएंगे। आश्वासन मिलते ही महिलाओं के चेहरों पर राहत दिखने लगी। कुछ महिलाओं ने भावुक होकर डीआरएम के पैर छूने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।