भोपाल। एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने ब्रेन हैमरेज से मृत 53 वर्षीय मरीज के अंगदान से चार जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी दिलाकर मानवता की मिसाल कायम की है। मृतक के परिजनों ने गुरुवार को अपनों को खोने के दर्द के बीच अंगदान की सहमति दी। इसके बाद मरीज का हृदय चेन्नई, लीवर इंदौर विशेष प्लेन से ग्रीन कारीडोर बनाकर भेजा और दोनों किडनी भोपाल के मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए उपलब्ध कराई गईं। इस कार्य में पुलिस प्रशासन ने भी पूरी मदद की।
एम्स के अनुसार मरीज को ब्रेन हैमरेज की गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल से एम्स भोपाल रेफर किया गया था। करीब पांच दिन तक विशेषज्ञ एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने इलाज किया। लेकिन मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ। निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत जांच के बाद मरीज को ब्रेन डेड घोषित किया गया।
परिजनों को अंग दान का महत्व बताया
मरीज को ब्रेन डेड घोषित करने के बाद डॉक्टरों ने परिवार को अंगदान की प्रक्रिया और इससे दूसरे मरीजों को मिलने वाली जिंदगी के बारे में समझाया। परिजनों ने सहमति दी, तो नियमानुसार अंगों का आवंटन किया गया। तुरंत मरीज का हृदय चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर अस्पताल और लीवर इंदौर के सीएचएल अस्पताल भेजा गया। वही दोनों किडनी भोपाल के जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित की गई।
चेन्नई तक ग्रीन कॉरिडोर, पुलिस ने संभाला रास्ता
हृदय को एम्स भोपाल से राजा भोज एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पुलिस ने पूरे मार्ग पर यातायात व्यवस्था संभाली, जिससे हृदय समय पर एयरपोर्ट पहुंचा और विशेष विमान से चेन्नई भेजा गया। वहीं, लीवर को भी भोपाल से इंदौर पहुंचाने के लिए भी ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। प्रशासन और पुलिस के समन्वय से लीवर को समय पर सीएचएल अस्पताल पहुंचाया गया।