भोपाल। राजधानी भोपाल में खुले में दिन-रात बोर्ड ऑफिस चौैराहे पर लगातार 48 दिनों से चयनित शिक्षक, तो नीलम पार्क में दस दिनों से कोरोना वॉरियर्स का धरना प्रदर्शन जारी है। कोरोना योद्धा कर्मचारियों ने गुरुवार को अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इन सभी की एक ही मांग है कि सरकार इनको स्थायी करें।
बता दें कि कोरोना कॉल में अस्पताल में आ रहे मरीजों की सेवा के लिए सरकार ने करीबन चार हजार कर्मचारियों को नियुक्त किया था। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग ने जिम्मेदारी जो दी, उसे अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा की। कोरोना योद्धाओं की मांग है कि हरियाणा, महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर नियम लागू कर उन्हें स्थायी की जाए। इससे पहले मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ सद्बुद्धि यज्ञ, केश दान कर भी कर चुके हैं।
कोरोना का संकट खत्म होते ही इन कर्मियों से रोजगार छिन गया। अब यही कोरोना वॉरियर्स अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। 11 दिन से सरकार का कोई प्रतिनिधि अब तक मिलने नहीं पहुंचा है।
हक की मांग के लिए सड़कों पर चयनित शिक्षक
वहीं, शिक्षा विभाग में चयनित शिक्षक पदवृद्धि को लेकर 48 दिनों से नीलम पार्क के बाद अब बोर्ड आफिस पर बच्चों और पतियों के साथ धरना दे रहे हैं। इनका भी आरोप है कि सरकार नहीं सुन रही है। इसलिए अब ठंड के बीच खुले आसमान पर बोर्ड ऑफिस पर रात-दिन धरना देने को मजबूर है। गुरुवार को सुबह इन शिक्षकों ने पहले डीपीआई पहुंचे और यहां प्रदर्शन किया। इसके बाद सीएम हाउस रवाना हुए। लेकिन पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया और वापस बोर्ड आफिस चौराहे पर भेज दिया।