भोपाल। अरेरार कॉलोनी, रोहित नगर, बावडिय़ाकलां समेत कई इलाकों में लैंडयूज को लेकर नगर निगम ने लगभग 35 हजार व्यापारियों को नोटिस दिया है। नोटिस में एक अगस्त से दुकानों को सील करने की कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई है। इसके विरोध में और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर शुक्रवार को भोपाल के दस नंबर मार्केट तिराहे पर व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भोपाल व्यापारी महासंघ ने किया। संघ ने सरकार से अपनी मांगें पूरी करने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने कहा कि उन्होंने विकास के लिए वोट दिया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उनका व्यापार संकट में है। व्यापारियों ने नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई तत्काल बंद करने, मिक्स लैंड यूज लागू करने, नया मास्टर प्लान शीघ्र लागू करने तथा गुजरात की तर्ज पर अनाधिकृत विकास के नियमितीकरण संबंधी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
व्यापारी संघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि सरकार ने व्यापारियों को जो समय दिया गया है, वह बेहद कम है। समय सीमा बढ़ाई जाए और मध्यप्रदेश में भी गुजरात मॉडल की तरह व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि 21 वर्षों से नया मास्टर प्लान लागू नहीं होने की सजा व्यापारी क्यों भुगतें?
सोनी का कहना है कि उन्होंने सरकार से व्यवसायिक अनुमति का लाइसेंस प्राप्त किया। व्यवसायिक दरों पर संपत्ति कर और बिजली बिल का भुगतान करते हुए स्टांप शुल्क भी जमा किया। इसके बावजूद उनके प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका और जीवनभर की पूंजी खतरे में पड़ गई है।
समाधान नहीं होने पर होगा बड़ा आंदोलन
व्यापारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे। राजधानी का बाजार बंद रखने जैसे कदम उठा सकती है। आवश्यकता पडऩे पर किसान आंदोलन और नीट आंदोलन की तर्ज पर प्रदेशव्यापी व्यापारी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सोनी ने सवाल उठाया कि प्रशासन 21 साल से मास्टर प्लान नहीं लागू कर पाई, तो उसकी सजा व्यापारी क्यों भुगतें?
रहवासियों की याचिका पर कोर्ट ने किया जवाब-तलब
राजधानी की पॉश अरेरा कॉलोनी सहित अनेक आवासीय क्षेत्रों के रहवासी लंबे समय से आवासीय भूखंडों पर हो रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण एवं व्यवसायों के विरुद्ध शिकायत कर रहे हैं। इस संबंध में रहवासी पूर्णेंदु शुक्ला एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। जिस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन एवं नगर निगम से जवाब तलब किया है। शुक्ला ने कहा कि संबंधित अधिकारी न्यायालय के समक्ष वास्तविक स्थिति प्रस्तुत करने के बजाय तथ्यों को छिपाने एवं गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यदि भोपाल नगर निगम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तो सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। उनका आरोप है कि आवासीय नक्शों की स्वीकृति लेकर अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर सहित अनेक रहवासी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक भवन खड़े कर दिए गए हैं। जिससे स्थानीय नागरिकों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।