भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुरैना से प्रदेश में निवेश से जुड़ा बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक समिट दीवाली से पहले होगा। संभाग स्तर के इस सम्मेलन का मकसद नया निवेश लाना, औद्योगिक केंद्र खड़े करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके बनाना है। मुख्यमंत्री ने बिजनेसमैन को नई इकाइयाँ लगाने और पुराने कारोबार बढ़ाने में सरकार की मदद का भरोसा दिया।
जन विश्वास अभियान के तहत कार्यक्रम
घोषणा जन विश्वास अभियान के तहत हुए संवाद कार्यक्रम में हुई। इसमें करीब 20 उद्यमी शामिल हुए। उन्होंने निवेश के अवसर, बुनियादी ढांचे, रोजगार, निर्यात और सरकारी विभागों के साथ तालमेल पर बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में उद्योग की संभावना है। चंबल एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के विकल्प देखे जा रहे हैं। साथ ही औद्योगिक क्लस्टर और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
मुरैना में कांच का प्लांट का निवेश
चर्चा में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट एजीआई ग्रीनपैक की कांच बनाने वाली इकाई रहा। कंपनी को मुरैना में करीब 27 एकड़ जमीन मिली है। निर्माण का काम चल रहा है और प्रस्तावित निवेश 1500 करोड़ रुपये का है। इससे करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। डॉ यादव ने इस पहल को सराहा। उनका कहना था कि कांच का उद्योग प्लास्टिक पैकेजिंग का पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बन सकता है। उन्होंने कहा कि टिकाऊ विकास में मदद करने वाले उद्योग को बढ़ावा मिलना चाहिए।
बायोमास पैलेट और मेडिकल उपकरण की इकाइयाँ
मुख्यमंत्री ने बायोरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की तारीफ की, जो खेती के कचरे से बायोमास पैलेट बनाती है। उनके मुताबिक फसल अवशेष से बायोमास पैलेट और बायोचार बनाने से पराली की समस्या कम हो सकती है। साथ ही किसानों को अतिरिक्त आमदनी भी मिल सकती है। ऐसे उद्योग पर्यावरण की रक्षा और गांवों में कमाई के मौके दोनों दे सकते हैं।
सिनोरिया फार्मा की ओर से कंपनी प्रतिनिधि कपिल सत्यवानी ने बताया कि मेडिकल और सर्जिकल उपकरण बनाने वाली इकाई का निर्माण पूरा हो चुका है। करीब 6 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में उत्पादन दीवाली के आसपास शुरू होने की उम्मीद है। इसका भूमिपूजन डॉ यादव ने 2024 में वर्चुअल तरीके से किया था।
पोरसा और सबलगढ़ जैसे कस्बों तक पहुंचे उद्योग
कार्यक्रम में मौजूद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पोरसा, सबलगढ़ और चंबवल के दूसरे कस्बों की औद्योगिक संभावनाओं का जिक्र किया। उनका कहना था कि उद्योग छोटे केंद्रों तक पहुंचे, ताकि स्थानीय युवाओं को घर के पास काम मिल सके। कई उद्यमियों ने सरकारी मदद और विभागों के आपसी तालमेल का अपना अनुभव साझा किया। उनके अनुसार बेहतर सहयोग से उन्हें कारोबार बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार देने और निर्यात बाजार तलाशने में मदद मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेश को प्रोत्साहन और उद्योगों के विस्तार में सहयोग देती रहेगी। दीवाली से पहले होने वाले समिट में निवेशक और सरकारी एजेंसियाँ साथ बैठकर नए प्रोजेक्ट तय करेंगी और जरूरी ढांचे की जरूरतों पर बात करेंगी।