संजय श्रोत्रिय, चंदेरी। अशोकनगर चंदेरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंहपुरताल बीट से सटे निदानपुर गांव में सोमवार सुबह तेंदुआ के फंदे में फसने का मामला सामने आया जहां एक खेत में तेंदुए का शव बरामद किया गया। इस घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में तेंदुए की मौत कमर में लोहे या तार का फंदा फंसने के कारण दम घुटने और गंभीर चोटों से होना सामने आ रही है।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई आरोपी जेल भेजा गया
सोमवार सुबह करीब 7 बजे वन विभाग को मुखबिर से खेत में तेंदुआ मृत पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने कार्यवाही करते हुए मौका स्थल पर पहुंचकर शव को अपनी निगरानी में ले लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।

घटनास्थल और आसपास के इलाके में सुराग तलाशने के लिए माधव टाइगर रिजर्व के डॉग स्क्वायड दल को मौके पर बुलाया गया। डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे इलाके में सघन सर्चिंग ऑपरेशन चलाया गया वन अमले ने उस खेत के मालिक की पहचान की जिसमें तेंदुआ मृत मिला था। आरोपी को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो शिकार के पुख्ता सबूत मिले। इसके बाद आरोपी को वन्यप्राणी शिकार के संगीन आरोपों में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया ।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
मृत तेंदुए का परीक्षण करने और मौत के सटीक कारणों का दस्तावेजीकरण करने के लिए जिले के पशु चिकित्सा अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। डॉक्टरों के इस पैनल ने मृत तेंदुए का विधिवत पोस्टमार्टम किया। अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और विसरा के सैंपल जांच के लिए जबलपुर या सागर की फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे ताकि मौत की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके।

तहसीलदार और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन विभाग के कार्यालय के पीछे रिक्त स्थान पर वन्यजीव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थानीय तहसीलदार, वरिष्ठ वन अधिकारी और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
चंदेरी क्षेत्र में तेंदुओं पर मंडराता खतरा
चंदेरी का जंगली इलाका जैव विविधता से समृद्ध है। वन विभाग के अनुमान के मुताबिक चंदेरी वन क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक तेंदुए मौजूद हैं। मुख्य रूप से बूढ़ी चंदेरी, सिंहपुर ताल, कटी घाटी, मालन खो, प्राणपुर घाटी और किला कोठी जैसे पथरीले व जंगली रास्तों पर अक्सर तेंदुओं की सक्रिय गतिविधि देखी जाती है।लेकिन हाल के दिनों में यह क्षेत्र तेंदुओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा खेतों में फसलों को बचाने या अन्य जंगली जानवरों का अवैध शिकार करने के लिए तार के घातक फंदे लगाए जाते हैं। इन फंदों की चपेट में अक्सर बेकसूर तेंदुए आ जाते हैं। हालांकि पूर्व में कई बार वन विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए फंदे में फंसे तेंदुओं का सुरक्षित रेस्क्यू भी किया है लेकिन इस बार निदानपुर की घटना में विभाग के पहुंचने से पहले ही इस शानदार वन्यजीव ने दम तोड़ दिया।