बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर आई है। हाई कोर्ट ने शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की डिवीजन बेंच ने भर्ती विज्ञापन में दिव्यांगों के आरक्षण से जुड़े आरोपों पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है।
कुल कितने पदों पर भर्ती होना है
राज्य में कुल 2292 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इन्हें दो संवर्गों में बांटा गया है। ई- संवर्ग में 795 पद हैं और टी- संवर्ग में 1497 पद शामिल किए गए हैं। सहायक शिक्षक पद की लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर को होनी थी, जबकि शिक्षक पद की परीक्षा 25 अक्टूबर को तय थी। कोर्ट की रोक के बाद पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया है।
दिव्यांग आरक्षण को लेकर क्या आपत्ति है?
कुछ कैंडिडेट्स ने भर्ती विज्ञापन की शर्तों और दिव्यांग आरक्षण के नियमों को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उनके वकील रूंगटा ने कोर्ट में दलील दी कि सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग के सर्कुलर का सही पालन नहीं हुआ। उनका आरोप है कि पूरी तरह दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की गई। वहीं, दिव्यांगों की बाकी श्रेणियों को यह लाभ मिल रहा है। इससे ऐसे उम्मीदवार शिक्षक बनने का मौका ही नहीं पा रहे। याचिका में इसे समान अवसर और संविधान से मिले अधिकारों के खिलाफ बताया गया है।
अभ्यर्थियों को अब किसका इंतजार
दरअसल, रविवार को व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से होने वाली परीक्षा को लेकर अब सबकी नजर आधिकारिक सूचना पर है। परीक्षा स्थगित करने या आगे की प्रक्रिया को लेकर सरकार और परीक्षा मंडल की तरफ से अभी कोई आदेश जारी होने की जानकारी नहीं है। भर्ती आगे कैसे बढ़ेगी, यह अदालत के अगले निर्देशों और सरकार के जवाब पर निर्भर करेगा।