रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित मंत्रालय के कर्मचारियों के बीच अचानक हलचल मच गई। अधिकारियों और कर्मचारियों के व्हाट्सएक ग्रुप का नाम बदल गया था। छत्तीसगढ़ मंत्रालय जागृत नाम का यह ग्रुप अब आरटीओ ई-चालान के नाम से दिख रहा था। नाम देखते ही लोगों को शक हुआ कि ग्रुप हैक हो चुका है।
एडमिन ने सदस्यों को सतर्क किया
मामला सामने आने के बाद ग्रुप के एडमिन ने सभी सदस्यों को अलर्ट किया। उन्होंने कहा कि इस ग्रुप को न खोला जाए। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया कि वे तुरंत ग्रुप छोड़ दें।
ग्रुप हैक होने से ठगी की कोशिश का शक
अब तक ज्यादातर मामलों में किसी मोबाइल नंबर या एपीके फाइल भेजकर फोन हैक किया जाता रहा है। इस बार पूरे ग्रुप पर ही कब्जा होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रुप का नाम आरटीओ ई-चालान किए जाने से यह भी शक है कि ठग फर्जी चालान के नाम पर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाने की कोशिश कर सकते थे। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के खाते से रकम निकलने या आर्थिक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
साइबर सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की ओर से कुछ सावधानियाँ बताई गई हैं। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी अनजान फाइल को डाउनलोड न करें। ओटीपी या बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। कोशिश करें की वाई-फाई में व्हाट्सएप न चलाएं।