Ujjain Simhastha 2028: साल 2028 में महाकाल की नगरी उज्जैन में होने जा रहे 'सिंहस्थ महाकुंभ' की तैयारियों और शहर के मास्टर प्लान को तेजी देने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक मिसाल पेश की है। सड़क चौड़ीकरण के बीच में आ रहे उज्जैन स्थित अपने पैतृक मकान को डॉ. यादव ने खुद गैंती चलाकर तोड़ा और सिंहस्थ के लिए समर्पित कर दिया। अपने बचपन की यादों को याद करते हुए जन्मस्थान को तोड़ते समय मुख्यमंत्री भावुक नजर आए, लेकिन उन्होंने कहा कि सार्वजनिक हित और सुशासन के आगे कुछ मायने नहीं रखते।
पैतृक निवास पर की पूजा
उज्जैन स्थित अपने पुश्तैनी घर पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले विधिवत पूजा-अर्चना की और फिर गैंती चलाकर चौड़ीकरण अभियान की शुरुआत की। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, जिस घर में खेलकर बड़े हुए हों, उसे तोड़ना पड़े तो मन प्रभावित होना स्वाभाविक है। लेकिन सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और उज्जैन के विकास के लिए यह बलिदान आवश्यक है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, लेकिन सिंहस्थ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं का भार रहेगा। जब आम जनता, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी वर्गों के लोग अपने मकान व देवस्थान पीछे हटा रहे हैं, तो बतौर मुख्यमंत्री उदाहरण पेश करना मेरा कर्तव्य है।
जानिए पूरी परियोजना
उज्जैन के खजूर वाली मस्जिद से लेकर अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक के करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस मार्ग चौड़ीकरण के विकास कार्य के लिए 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह मार्ग शहर के व्यावसायिक और आवासीय हिस्सों को जोड़ता है। चौड़ीकरण के बाद सिंहस्थ 2028 के दौरान यातायात का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी।