भोपाल। देशभर में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसके चलते मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। रविवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में रिपोर्टर्स से बात की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का सीधा आरोप जड़ दिया।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का कहना था कि दावे आपत्तियाँ मांगना और मतदाता सूची का पुनरीक्षण करना पूरी तरह चुनाव प्रक्रिया का ही हिस्सा है। यह अधिकार चुनाव आयोग के पास है।
खंडेलवाल का कांग्रेस पर सीधा हमला
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि पार्टी ने लगातार चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने में जुट हुई है। उन्होंने कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों और दिए जा रहे बयानों की कड़ी आलोचना की और कहा कि इस तरह की राजनीति संस्थाओं की साख को नुकसान पहुंचाती है।
सीएम ने कहा राहुल गांधी माफी मांगे
खंडेलवाल के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी सिर्फ सत्ताधारी सरकार की नहीं होती,बल्कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी उतनी ही अहम होती है। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि राहुल गांधी को अपने बयानों के लिए माफा मांगना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बार-बार सवाल उठाना और लोगों के बीच भ्रम फैलानी की कोशिश करना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी हमेशा चुनाव आयोग के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में मध्य प्रदेश में आंदोलन छेड़ने का ऐलान भी कर दिया है। वह 28 सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम तय किया है।
आपातकाल का हवाला देकर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक पुराने फैसले और आपातकाल के दौर का भी जिक्र छेड़ा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी बार बार लोकतांत्रिक संस्थाओं पर ही सवाल खड़े करती रहती है। वहीं, देश का लोकतंत्र सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और लोकसभा जैसी संस्थाओं की मजबूती से ही टिका हुआ है। इसी क्रम में उन्होंने राहुल गांधी से आत्ममूल्यांकन करने की नसीहत दी और उनसे इस्तीफे की मांग भी कर डाली।
उज्जैन के पैतृक मकान पर भी बोले
कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरने के अलावा सीएम ने उज्जैन में अपने पैतृक मकान को लेकर भी बयान दिया। घर जो सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की जद में आया है। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की तादाद काफी बढ़ गई है और सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य जरूरी हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह वही घर है जहां उनका बचपन बीता और परिवार के कई अहम मौके इसी मकान में बने, बावजूद इसके उन्होंने भावात्मक लगाव से ऊपर उठकर खुद अपने घर का हिस्सा हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया के तौर पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी है।