लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दो बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पहले वे कानपुर नगर के बिठूर पहुंचकर बिल्होर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं की कुल लागत 411 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके बाद वे राजधानी लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 की शुरुआत करेंगे। सीएम का कहना है कि सुविधाओं का विस्तार, निवेश को बढ़ावा और नवाचार से युवाओं के लिए नए मौके बनाना ही नए उत्तर प्रदेश के विकास का संकल्प है।
वाल्मीकि जयंती पर बिठूर से शुरुआत
सीएम योगी ने एक्स पर लिखा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर उनकी तपोभूमि बिठूर से जनकल्याण के इसी संकल्प को आगे बढ़ाने का मौका मिल रहा है। कार्यक्रम में अलग अलग योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी बांटे जाएंगे। उन्होंने बताया कि एक तरफ आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने वाली विकास योजनाएं हैं, तो दूसरी तरफ युवाओं का भविष्य गढ़ने वाले निवेश और नवाचार के अवसर हैं।
कानपुर- CM योगी कानपुर में 411 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हो रहें हैं !! https://t.co/SuD111mlQj
— Gaurav Singh Sengar (@sengarlive) October 26, 2026
लखनऊन में जीसीसी समिट से रोजगार की उम्मीद
जीसीसी इनोवेशन समिट में वैश्विक कंपनियों और कॉलेजों के साथ एमओयू (MoU) होने वाले हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार इनसे तनकीनी शोध, नवाचार और ऊंचे कौशल वाले रोजगार की नी राह खुलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि लक्ष्य है कि विकास का फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे और प्रदेश के युवाओं को अपनी ही धरती पर वैश्विक पहचान बनाने का मौका मिले।
विरासत और भविष्य को जोड़ने की बात
योगी ने कहा कि आज का दिन प्रदेश की उस यात्रा को दिखाता है, जिसमें विरासत से प्रेरणा लेकर भविष्य गढ़ा जा रहा है। एक तरफ प्रदेश वाल्मीकि जयंती मना रहा है। जिन्होंने रामायण के जरिए पीढ़ियों को प्रभु श्रीराम के जीवन और रामराज्य के आदर्शों से जोड़ा। दूसरी तरफ जीसीसी समिट उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का बड़ा केंद्र बनाने की दिशी में मौका दे रहा है। उनके अनुसार वाल्मीकि की रामायम सिर्फ सांस्कृतिक धरोहर नहीं बल्कि ज्ञान, मर्यादा औ लोककल्याण की परंपरा है। अब इसी परंपरा को आधुनिक रूप देकर विज्ञान और तकनीक के जरिए युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक पहचान दिलानी है। सीएम ने यह भी कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में न विरासत को सम्मान मिला और न ही विज्ञान और विकास को जगह, जबकि निवेश और रोजगार बढ़ाना बड़ी चुनौती था।
आज का दिन उत्तर प्रदेश की उस यात्रा का प्रतीक है, जिसमें गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेकर भविष्य की नई संभावनाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ओर प्रदेश आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती मना रहा है, जिन्होंने रामायण के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी जनमानस को प्रभु श्री राम के जीवन चरित्र और रामराज्य के आदर्शों से परिचित कराया। वहीं दूसरी ओर, GCC Innovation Summit 2026 उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीक, नवाचार और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाओं को नई दिशा देने का अवसर प्रदान कर रहा है। महर्षि वाल्मीकि की रामायण केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर नहीं, अपितु ज्ञान, मर्यादा और लोक-कल्याण की ऐसी परंपरा है, जिसने युगों तक समाज को दिशा दी है। आज इसी ज्ञान-परंपरा को आधुनिक संदर्भ में आगे बढ़ाने का अवसर है, जहां विज्ञान और तकनीक युवाओं की प्रतिभा को नए अवसरों से जोड़ें एवं उनके सामर्थ्य को वैश्विक पहचान मिले। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न विरासत का सम्मान था और न ही विज्ञान और विकास का स्थान। आत्ममुग्ध शासन में प्रदेश की संभावनाओं तथा औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं के अनुरूप निवेश व रोजगार के अवसरों का विस्तार एक बड़ी चुनौती था। आज प्रदेश अपनी बेहतर होती कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशोन्मुख नीतियों के आधार पर नई संभावनाएं विकसित कर रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में भारत जहां GCC capital of the world के रूप में उभरा है, वहीं उत्तर प्रदेश अब भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का हब बन रहा है। महर्षि वाल्मीकि की ज्ञान-साधना ने भारतीय समाज को युगों तक दिशा दी, आज ज्ञान और नवाचार की शक्ति उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही है। विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना इसी समन्वय में साकार होगी, जहां विरासत से संस्कार, शिक्षा से सामर्थ्य और तकनीक से समृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त हों, जहां अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करते हुए प्रदेश, भारत की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में वैश्विक स्तर पर सशक्त भूमिका निभाए।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 26, 2026
इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ढांचे पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश नई संभावनाएं तैयार कर रहा है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जीसीसी कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड बनकर उभरा है और उत्तर प्रदेश अब देश के इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का हब बन रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी पूरा होगा, जब विरासत से संस्कार, शिक्षा से सामर्थ्य और तकनीक से समृद्धि मिले। साथ ही प्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करते हुए भारत की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में मजबूत भूमिका निभाए।