लखनऊ। रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुफ्त बस यात्रा की अवधि बढ़ाने का ऐलान किया है। अब महिलाएं 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में बिना किराया दिए सफर कर सकेंगी। खास बात यह है कि महिला यात्री अपने साथ एक सहयोगी को भी मुफ्त यात्रा करा सकेंगी।
प्रदेश की 900 से ज्यादा बसों में भी मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की 900 से ज्यादा बसों में भी महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इससे शहरों के भीतर सफर करने वाली महिलाओं को भी राहत मिलेगी। रक्षाबंधन 28 अगस्त को है और त्योहार के आसपास बड़ी संख्या में महिलाओं के घर और मायके आने-जाने की संभावना है।
सुरक्षित घर वापसी पर सरकार का फोकस
योगी आदित्यनाथ ने परिवहन विभाग, पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षित और सुविधाजनक घर वापसी के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं। शहरों, प्रमुख मार्गों और व्यस्त इलाकों में यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निजी बस, ऑटो और टैक्सी चालकों का होगा सत्यापन
महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निजी बसों, ऑटो और टैक्सी चालकों के सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। रक्षाबंधन के दौरान चलने वाले टैक्सी और ई- रिक्शा चालकों की भी जरूरी जांच कराई जाएगी। सरकार का जोर है कि केवल सत्यापित और सक्षम चालक ही यात्रियों को लेकर चलें।
25 अगस्त तक यूनियनों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में 25 अगस्त तक बस, टैक्सी और ऑटो-टैम्पो यूनियनों के साथ समन्वय बैठकर करने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों से तय किराया ही लिया जाए। साथ में ओवरलोडिंग न हो और उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। यात्रियों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखने को कहा गया है।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर खास इंतजाम
रक्षाबंधन के दौरान प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए विशेष यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं। मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल-मिर्जापुर और गोरखपुर जैसे प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी नजर
त्योहार के दौरान बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बाजारों और शहरों के प्रवेश-निकास मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए अधिकारियों को पहले से कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि रक्षाबंधन पर बहनों को घर आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।