विशाल चतुर्वेदी, गोरखपुर: महाराणा प्रताप महिला पी.जी. कॉलेज, रामदत्तपुर में नए शैक्षणिक सत्र के मौके पर स्वागत एवं अभिविन्यास कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी छात्राओं का आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उन्हें अनुशासित और लक्ष्य केंद्रित रहकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. सत्यपाल सिंह (कार्यक्रम समन्वयक, NSS, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय) और महाविद्यालय की प्राचार्या द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके उपरांत छात्राओं ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। भारतीय परंपरा के अनुसार प्राचार्या ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।
परीक्षाओं की शुचिता और लगन पर जोर
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो. सत्यपाल सिंह ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली, परीक्षाओं की शुचिता और समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ रही जागरूकता पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। निष्ठा, लगन, ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के बल पर ही छात्राएं अपने जीवन में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सकती हैं।
छात्राओं ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की वरिष्ठ छात्राओं जिज्ञासा और सादिया ने अपने शैक्षणिक अनुभव नए सत्र की छात्राओं के साथ साझा किए। उन्होंने नवागत छात्राओं को महाविद्यालय के उत्कृष्ट पठन-पाठन माहौल, समर्पित प्राध्यापकों और वर्ष भर आयोजित होने वाली विभिन्न पाठ्येतर गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
सर्वांगीण विकास के लिए कॉलेज प्रशासन सदैव तत्पर
महाविद्यालय की प्राचार्या ने नवप्रवेशी छात्राओं का कॉलेज परिवार में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त किया कि उनके सर्वांगीण विकास, मार्गदर्शन और किसी भी समस्या के समाधान के लिए महाविद्यालय प्रशासन व शिक्षकगण हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
बता दें कि कार्यक्रम के मंच का संचालन डॉ. अर्चना गुप्ता ने किया। वही संयोजन गरिमा सिंह एवं नेहा गुप्ता और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजकुमार ने दिया। इस मौके पर डॉ. अनुभा मिश्रा, रितेंद्र नाथ पाण्डेय, मानसी शर्मा, रिया गुप्ता, नीतेश सिंह सहित महाविद्यालय के समस्त प्रवक्तागण और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।