Congress MLA Ghanshyam Singh: मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट से नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह की विधायकी कानूनी संकट में फंसती नजर आ रही है। हाल ही में हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले घनश्याम सिंह के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक चुनाव याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने चुनाव आयोग में दाखिल अपने हलफनामे में 1991 के एक आपराधिक मामले की जानकारी छुपाई है।
केस का जिक्र न करने का आरोप
याचिकाकर्ता के अनुसार, 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए प्रदर्शन और चक्काजाम के दौरान दर्ज FIR में घनश्याम सिंह का नाम शामिल था। बीजेपी नेता और अधिवक्ता दीपक बेलपत्री ने अधिवक्ता शिवम गौतम के माध्यम से याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया है कि घनश्याम सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में दो आपराधिक मुकदमों का उल्लेख तो किया, लेकिन 1991 की इस FIR की जानकारी जानबूझकर छुपा ली।
उपचुनाव में मिली थी जीत
आपको बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपने बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों के अंतर से हराया था। घनश्याम सिंह को कुल 66,757 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के आशुतोष तिवारी के खाते में 60,741 वोट आए थे।
हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
याचिका के दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई करेगा। यदि अदालत हलफनामे में जानकारी छुपाने के आरोप सिद्ध मानती है, तो कानून के तहत विधायक का निर्वाचन रद्द भी हो सकता है। फिलहाल इस याचिका के बाद दतिया और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।