दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा के संचालन को लेकर नए नियमों का मसौदा जारी किया है। इसमें चालक के अलावा अधिकतम चार यात्रियों को बैठाने का प्रस्ताव है । यानी एक ई-रिक्शा में सात से आठ स्कूली बच्चों को ले जाने की मौजूदा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि ये नियम अभी लागू नहीं हुए हैं सरकार ने मसौदे पर जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं ।
ई-रिक्शा की रफ्तार और संख्या पर भी सीमा
प्रस्तावित दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026 के तहत वाहन की अधिकतम रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा और मोटर की शक्ति 2,000 वाट तक रखने का प्रस्ताव है। ई-रिक्शा में चालक के बगल में यात्री बैठाने और खड़े होकर सफर करने की भी अनुमति नहीं होगी ।
मसौदे में दिल्ली में ई-रिक्शा की कुल संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने का भी प्रस्ताव है। एक व्यक्ति अधिकतम पांच ई-रिक्शा रख सकेगा, जबकि पात्र कंपनियों और संगठनों के लिए यह सीमा 100 वाहन होगी।
लाइसेंस, डिजिटल प्रमाणपत्र और सुरक्षा नियम
प्रस्ताव के मुताबिक चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज होना जरूरी होगा । प्रत्येक ई-रिक्शा के लिए दो साल की वैधता वाला डिजिटल ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) भी प्रस्तावित है। मौजूदा वाहनों को नियमों का पालन करने के लिए अधिसूचना के बाद 90 दिन दिए जाने की बात कही गई है ।
मसौदे में प्राथमिक चिकित्सा किट, प्रतिबंधित सड़कों पर संचालन रोकने और यातायात बाधित करने वाली पार्किंग पर कार्रवाई जैसे प्रावधान भी शामिल हैं। जनता से मिले सुझावों पर विचार के बाद सरकार अंतिम नियम तय करेगी। तब तक चार यात्रियों की प्रस्तावित सीमा को लागू नियम नहीं माना जाना चाहिए ।