कुलदीप शुक्ला, अमेठी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सड़क पर उतरे। अमेठी के गौरीगंज में भी कार्यकर्ताओं ने माथे पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और नारेबाजी की। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
गौरीगंज में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
अमेठी जिले के गौरीगंज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माथे पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वक्ताओं ने हाल में सामने आए आंतरिक मतभेदों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त का पद पर बने रहना उचित नहीं है। कार्यक्रम में आशीष शुक्ला, आकर्ष शुक्ला, शुभम सिंह, बृजेश मिश्रा, बृजेंद्र सिंह लोहा सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
लखनऊ और दूसरे जिलों में भी प्रदर्शन
राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोका, जिस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर ईको गार्डन पहुंचाया। गोरखपुर और सहारनपुर में भी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। गाजियाबाद में कांग्रेस नेताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया, जबकि हापुड़ में पुलिस ने करीब 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। काशी और आगरा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया। आगरा में पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की जांच शुरू की है।
कांग्रेस की मांग और दूसरे पक्ष का रुख
कांग्रेस की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। पार्टी का कहना है कि वह निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रही है। पार्टी इसे संविधान बचाने की लड़ाई बता रही है। वहीं चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर अलग रुख सामने आया है। प्रशासन भी कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क नजर आया।