MP Teacher Promotion: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से अटके शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग में पदोन्नति न होने के कारण शिक्षकों में पनप रहे असंतोष को देखते हुए DPI ने उच्च माध्यमिक शिक्षकों की सेवा रिकॉर्ड और विभागीय जांच से जुड़ी जानकारियां तलब की हैं। संबंधित अधिकारियों को 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी पदोन्नति प्रक्रिया शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़ी है, जो दिसंबर 2026 में संभावित है।
प्रमोशन से पहले सत्यापन
प्रमोशन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए विभाग ने रिकॉर्ड के सत्यापन की योजना बनाई है। 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में जारी अंतिम वरिष्ठता सूची को आधार मानकर वर्ष 2018 से 2025 तक की गोपनीय रिपोर्ट का सत्यापन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों और राज्य शिक्षा केंद्र के बीच समन्वय स्थापित कर संयुक्त संचालक कार्यालयों को जिलों से आंकड़े जुटाकर तय समय-सीमा में संचालनालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
VRS और वरिष्ठता की जांच
जिन शिक्षकों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है, जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं या जिनके वरिष्ठता क्रमांक में संशोधन की आवश्यकता है, उनके मामलों की अलग से पड़ताल की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को यह प्रमाणित करना होगा कि लिपिकीय या तकनीकी त्रुटि शेष नहीं है।
6,500 शिक्षकों का सत्यापन
लोक शिक्षण संचालनालय ने श्रेणीवार करीब 6,500 शिक्षकों की वरिष्ठता सूची के सत्यापन के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत कई वर्गों के वरिष्ठता क्रमांक तय किए गए हैं।
अनारक्षित वर्ग: वरिष्ठता क्रमांक 1075 तक
अनुसूचित जाति (SC): वरिष्ठता क्रमांक 1767 तक
अनुसूचित जनजाति (ST): वरिष्ठता क्रमांक 3758 तक
दिसंबर में होगी TET परीक्षा
पदोन्नति से जुड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर निर्धारित थी। अब यह परीक्षा दिसंबर में आयोजित होना संभावित है। विभाग के साफ निर्देश हैं कि पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को ही निर्धारित मापदंडों और वरिष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नति का लाभ दिया जाएगा।
32 हजार पद लंबित, शिक्षकों में थी नाराजगी
अगस्त महीने में राज्य शासन के सामान्य आदेशों के बाद कई अन्य सरकारी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में मामला अटका हुआ था। लगातार देरी के कारण शिक्षक संगठनों में रोष था और वे लगातार स्कूल शिक्षा मंत्री तथा लोक शिक्षण आयुक्त से मुलाकात कर रहे थे। अब रिकॉर्ड सत्यापन और पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिसंबर के अंत या जनवरी 2027 तक पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।