इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में स्वामित्व योजना के तहत करीब 30 हजार लोगों को संपत्ति से जुड़े कानूनी अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नबीन मध्य प्रदेश दौरे पर इंदौर पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। वहां से निकलने के बाद रोड शो किया जा रहा है।
स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में क्या होगा
नितीन नबीन इंदौर में स्वामित्व योजना के तहत भूमि स्वामी अभिलेख यानी रजिस्ट्री वितरण अभियान की शुरुआत करेंगे। इस पहल से इंदौर और आसपास के इलाकों के लगभग 30 हजार लाभार्थियों को उनकी जमीन और मकान से जुड़े अधिकारों का आधिकारिक दस्तावेज मिलने का रास्ता साफ होगा।
इस योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाली जमीन का ड्रेन तकनीक से सर्वे कराया गया। सर्वे के आधार पर संपत्तियों और उनमें रहने वाले लोगों के अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अब पात्र लोगों को इसी रिकॉर्ड के आधार पर पंजीकृत दस्तावेज दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत
नितीन नबीन के इंदौर पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एयरपोर्ट पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर भी मुख्यमंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मौजूद रहे। पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं ने अतिथियों का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया।
#WATCH | BJP National President Nitin Nabin holds a roadshow in Madhya Pradesh's Indore. He is accompanied by CM Mohan Yadav, state minister Kailash Vijayvargiya and other BJP leaders pic.twitter.com/g9APDJ8edP
नितीन नबीन के दौरे को लेकर शहर में तैयारियाँ देखने को मिलीं। प्रमुख चौक चौराहों को पार्टी के झंडों और भगवा पट्टियों से सजाया गया है। आयोजन को लेकर शहर के कई हिस्सों में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।
इंदौर में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी का स्वागत pic.twitter.com/OL49rWRSrp
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लगेगा
स्वामित्व योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के लिए सरकार ने पंजीयन प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। इन लोगों से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस खर्च को राज्य सरकार खुद वहन करेगी। इंदौर और आसपास के करीब 30 हजार लोगों को इसी व्यवस्था के तहत मुफ्त रजिस्ट्री मिलने वाली है। मध्य प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। इनमें 48.32 लाख अभिलेख व्यक्तिगत संपत्तियों से जुड़े हैं। योजना का उद्देश्य संपत्ति धारकों के अधिकारों को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर उन्हें कानूनी आधार देना है।