श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर आई है। पार्क के सबसे चर्चित और सबसे ज्यादा देखे जाने वाले नर चीता गौरव ने सोमवार दोपहर लंबी बीमारी के बाद दम तोड़ दिया। नामीबिया से भारत लाया गया यह चीता प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत का अहम हिस्सा रहा है और अपने भाई के साथ मिलकर उसने जंगल में एक अलग पहचान बनाई थी।
भाई के साथ मिलकर रचा था इतिहास
गौरव का असली नाम एल्टन था और वह सितंबर 2022 में नामीबिया से आए पहले आठ चीतों के दल में शामिल था। उसका भाई फ्रेडी, जिसे बाद में शौर्य नाम दिया गया, हमेशा उसके साथ रहता था। दोनों भाइयों ने मिलकर कूनो में एक मजबूत जोड़ी बनाई थी और नवंबर 2022 में एक वयस्क चीतल का शिकार करके इतिहास रच दिया था। यह भारत में पिछले 75 साल से भी ज्यादा समय में दर्ज हुआ पहला सफल चीता शिकार था। इसी वजह से वन अधिकारी और वन्यजीव प्रेमी इस जोड़ी को प्यार से रॉकस्टार्स बुलाते थे। जनवरी 2024 में शौर्य की मौत के बाद गौरव अकेला रह गया था।
बीमारी के चलते हुई थी हालत खराब
12 सितंबर को फील्ड टीम को पता चला कि गौरव काफी सुस्त और कमजोर हो गया है। जांच में उसमें गंभीर कमजोरी, मांसपेशियों का क्षय और डिहाइड्रेशन के लक्षण मिले। इलाज के लिए उसे तुरंत पालपुर के क्वारंटाइन बोमा में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। शुरुआती जांच में किसी पुरानी गंभीर बीमारी के संकेत मिले थे, लेकिन इलाज के बावजूद उसकी सेहत में सुधार नहीं हुआ और आखिरकार सोमवार को उसने दम तोड़ दिया।
आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाए थे सवाल
गौरव की मौत सार्वजनिक होने से पहले ही आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने सीधे तौर पर किसी चीते का नाम नहीं लिया, लेकिन मुख्यमंत्री को टैग करते हुए लिखा कि कूनो के अस्पताल के फ्रीजर में एक शव चार दिन से पड़ा है और सच कब सामने आएगा।
अब कूनो में बचे हैं इतने चीते
गौरव के जाने से प्रोजेक्ट चीता का एक भावुक अध्याय बंद हो गया है, लेकिन कार्यक्रम आगे बढ़ता रहेगा। फील्ड डायरेक्टर के मुताबिक कूनो में फिलहाल कुल 51 चीते मौजूद हैं, जिनमें 36 भारत में जन्मे शावक और वयस्क शामिल हैं। इनमें से 16 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। इसके अलावा चार चीते गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में भी रह रहे हैं, जिससे देशभर में कुल चीतों की संख्या 55 हो गई है।