भोपाल। चुनाव आयोग से आदेश मिलते ही प्रदेश में भी विशेष गहन पुनरीक्षण यानि एसआईआर की जगह विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण एसएसआर का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में बीएलओ को दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। दोनों में अंतर है। एसएसआर में पुरानी लिस्ट में सुधार किए जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार दो नवंबर तक मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और व्यवस्थाओं से जुड़ा काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसी दिन से नाम जोडऩे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 11 दिसंबर तक चलेगी। सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 दिसंबर तक करना होगा। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में ये होगा काम
- नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, पुरानी प्रविष्टियों में सुधार होगा और मतदाता सूची से जुड़ी आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। खास ध्यान उन युवाओं पर रहेगा, जो 1 जनवरी 2027 तक 18 साल के हो जाएंगे।
-प्रांरभिक मतदाता सूची का प्रारूप 12 नवंबर को और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी प्रकाशित होगा।
- आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर और एसएसआर की प्रक्रिया अलग-अलग है। एसआईआर में बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं, जबकि एसएसआर में सामान्य तौर पर ऐसा अभियान नहीं चलाया जाता।
- इस प्रक्रिया में मतदाता सूची का प्रारूप जारी होने के बाद लोगों से नाम जोडऩे, सुधार करने और गलत प्रविष्टियों को लेकर दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी। संबंधित निर्वाचन अधिकारी इनकी जांच कर फैसला लेंगे।
- अभियान में पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जो युवा 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर लेंगे, वे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए फॉर्म-6 भरना होगा।
- जिन मतदाताओं के नाम, पते या दूसरी जानकारियों में गलती है, वे फॉर्म-8 के जरिए सुधार करा सकेंगे। इसके अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी पहले से आवेदन कर सकेंगे।
राजनीतिक दलों को पढऩे पीडीएफ में मिलेगी वोटर लिस्ट
आयोग ने राजनीतिक दलों को मतदाता सूची उपलब्ध कराने के तरीके में भी बदलाव किया है। प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची बिना फोटो के ऐसी पीडीएफ में उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें नाम और दूसरी जानकारियां पढ़ी और खोजी जा सकेंगी। पहले राजनीतिक दलों को इमेज आधारित पीडीएफ दी जाती थी। इस बदलाव से राजनीतिक दलों के लिए मतदाता सूची की जांच और नामों का मिलान करना आसान हो सकता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी क्या बोले
भारत निर्वाचन मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देश पर विशेष गहन पुनरीक्षण की जगह अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है। इस बारे में सभी निर्वाचन अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और बीएलओ को जानकारी दे दी गई है।
दोनों में हैं ये अंतर
एसआईआर - एसएसआर
नए सिरे याने शून्य से शुरूआत - पुरानी लिस्ट में होगी सुधार
हर मतदाता को देना होगा सबूत - पुराने मतदाता को नहीं देने होंगे दस्तावेज
बीएलओ खुद जाकर करते हैं भौतिक जांच - मतदाता घर बैठे ऑनलाइन कर सकते सुधार
मामूली गड़बड़ी पर सुनवाई का नोटिस - साफ्टवेयर में कोई नोटिस नहीं