मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भादो के आखिरी दिन आसमान से जमकर पानी बरसा और इसका असर तापमान भी साफ दिखा। शनिवार को शहर में 24 घंटे के भीतर 110 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश है। नतीजा यह रहा कि 57 साल बाद सितंबर का महीना नवंबर से भी ज्यादा ठंडा हो गया। इसके चलते दोपहिया वाहन पर निकले लोगों को दिन में ही सिहरन महसूस होने लगी।
पूर्णिमा पर पूरे दिन बरसा पानी
शुक्रवार की रात 12 बजे चमक और गरज के साथ बारिश शुरू हुई और शनिवार देर रात तक थमी नहीं। तेज हवाओं के बीच दिनभर कभी हल्की तो कभी तेज बौछारें पड़ती रहीं। तापमान तेजी से नीचे गिरा। शाम से रात तक सिहरन ठिठुरन जैसे अहसास में बदल गई।
मौसम विभाग के आकड़े क्या कहते हैं?
मौसम विभाग के डाटा संग्रह केंद्र के अनुसार, शनिवार सुबह 8:30 बजे तक 21.4 मिमी और शाम 5:30 बजे तक 79.8 मिमी बारिश दर्ज हुई। देर रात तक कुल आंकड़ा 110 मिमी पहुंच गया, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। शनिवार को अधिकतम तापमान 22.4 और न्यूनतम 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से 9.4 डिग्री कम था। दोनों तापमान के बीच सिर्फ दो डिग्री का अंतर रहने से ठंड का अहसास अचानक बढ़ गया। सुबह आर्द्रता 98 फीसदी और शाम को 100 फीसदी रही।
नवंबर से भी ठंडा हुआ सितंबर
नवंबर का औसत तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहता है, जबकि 26 सितंबर का अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री रहा। इससे पहले सितंबर का सबसे कम अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री 23 सितंबर 1969 को दर्ज हुआ था। सितंबर के दस सबसे कम अधिकतम तापमान में 1969 की दो तारीखें, 2005 की दो, 2020 की दो और 1975, 2010, 2002 व 2006 की एक एक तारीख शामिल हैं।
कम दबाव के क्षेत्र ने बदला मौसम
लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बना था। यह धीरे-धीरे खिसककर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर आ गया। इसी वजह से मुरादाबाद समेत आसपास के जिलों में भारी बारिश हुई। हवा की दिशा भी लगातार बदलती रही। सुबह हवा पूर्व से पश्चिम 5 से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली, जबकि शाम को पश्चिम से पूर्व 10 से 15 किमी की रफ्तार से बही। मानसून का सीजन 30 सितंबर तक रहेगा।