विशाल चतुर्वेदी, गोरखपुर/रामदत्तपुर: महाराणा प्रताप महिला पी.जी. कॉलेज, रामदत्तपुर, गोरखपुर में शनिवार को विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद ग्रहण करने के साथ हुई। उद्घाटन दिवस के मौके पर महाविद्यालय की छात्राओं के लिए एक स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने एक से बढ़कर एक आकर्षक और विचारोत्तेजक नारों के जरिए समाज को स्तनपान के महत्व का संदेश दिया।
कोलोस्ट्रम है शिशु का पहला प्राकृतिक टीका
कार्यक्रम की संयोजिका एवं गृह विज्ञान विभाग की प्रवक्ता गरिमा सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए स्तनपान के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि मां का पहला गाढ़ा पीला दूध यानी 'कोलोस्ट्रम' शिशु के लिए पहला प्राकृतिक टीका साबित होता है। यह नवजात को जीवनभर गंभीर बीमारियों से बचाए रखने में सुरक्षा कवच का काम करता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जन्म के शुरुआती 6 महीनों तक शिशु को ऊपर से पानी देने की भी जरूरत नहीं होती, मां का दूध ही उसका संपूर्ण आहार है। प्रवक्ता गरिमा सिंह ने इस अवसर पर सप्ताह भर आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।
निर्णायक मंडल ने की छात्राओं के प्रयासों की सराहना
स्लोगन प्रतियोगिता के पारदर्शी और सफल मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में डॉ. अर्चना गुप्ता, नेहा गुप्ता एवं रितेंद्र नाथ पांडेय उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं द्वारा तैयार किए गए नारों और उनकी रचनात्मकता की जमकर सराहना की। गृह विज्ञान विभाग की प्रवक्ता गरिमा सिंह के कुशल संयोजन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में महाविद्यालय के सम्मानित प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।