भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में 29 सितंबर को हुई एमपी कैबिनेट की बैठक में करीब 24500 करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर मुहर लग गई। इनमें नए प्रस्ताव तो थे ही, कुछ संसोधित और पुनरीक्षित प्रस्ताव भी शामिल रहे। साथ ही चल रही योजनाओं को आगे जारी रखने का फैसला भी हुआ। बैठक में सबसे ज्यादा फोकस सिंचाई, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर दिखा।
चार बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए चार परियोजनाओं को हरी झंडी दी। दतिया की मां रतनगढ़ सिंचाई परियोजना के लिए 1608 करोड़ रुपये मंजूर हुए। इससे 78484 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी पहुंचेगा और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना को 524 करोड़ रुपये मिले। इससे 65400 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। सागर सिंचाई परियोजना के लिए 1052 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए और इससे 80000 हेक्टेयर क्षेत्र को फायदा मिलेगा। उज्जैन में क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए खान डायवर्सन योजना के तहत 30 किलोमीटर लंबी टनल बन रही है। इसका 51 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
अग्निवीरों को वर्दीधारी भर्तियों में 20 प्रतिशत कोटा
गृह विभाग में आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिकों को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। विशेष सशस्त्र बल में भी यही अनुपात रहेगा। जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिकों को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण तय हुआ है। वन विभाग में वन रक्षक की भर्ती के लिए भी यही व्यवस्था की गई है। वाणिज्यिक कर विभाग के आबकारी आरक्षक पदों पर होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिकों को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत हॉरिजेन्टल आरक्षण मिलेगा।
स्कूल, अतिथि शिक्षक और अस्पताल पर बड़ा खर्च
सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों की गणवेश राशि डीबीटी से सीधे छात्र, छात्राओं और पालकों के खातों में जाएगी। इसके लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। अतिथि शिक्षकों के मानदेय की योजना 2026-27 से 2030-31 तक चलती रहेगी। इस पर 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च होंगे। प्रदेश में अभी 76 हजार से ज्यादा अतिथि शिक्षक काम कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद इन्हीं से भरे जाते हैं।
सिंगरौली जिला अस्पताल 450 से बढ़कर 605 बिस्तरों का होगा। इसके लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इस राशि में उपकरण और फर्नीचर का खर्च भी शामिल है। 2024 में यहां 400 बिस्तर के अस्पताल और 50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए 188 करोड़ 72 लाख रुपये मंजूर हुए थे। क्षेत्रफल बढ़ने से लागत भी बढ़ी है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तीन योजनाएं 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक चलेंगी। इनके लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये तय हुए हैं। इसमें स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रुपये, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के लिए 20 करोड़ 90 लाख रुपये और औषधि नियंत्रण के लिए 111 करोड़ 63 लाख रुपये शामिल हैं।
छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के लिए अब 953 करोड़ 69 लाख रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। 2022 में यह प्रोजेक्ट 768 करोड़ 22 लाख रुपये का था। जीएसटी दर 12 से बढ़कर 18 प्रतिशत होने, डेडिकेटेड बिजली फीडर लाइन और नगर निगम की भवन अनुज्ञा फीस बढ़ने से खर्च ऊपर गया।
सड़क और सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी
दमोह-कटनी मार्ग की 105.10 किलोमीटर लंबाई को हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर 4-लेन बनाया जाएगा। इसके लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये (जीएसटी सहित) की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। निर्माण लागत का 40 प्रतिशत यानी 865 करोड़ 15 लाख रुपये मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के लिए गए कर्ज से दिया जाएगा। बाकी 60 प्रतिशत राशि और एन्यूटी, ओ एंड एम, ब्याज, भू-अर्जन व सुपरविजन के लिए कुल 3,605 करोड़ 15 लाख रुपये राज्य बजट से निगम को इक्विटी के रूप में मिलेंगे। बदले में निगम राज्य शासन को शेयर जारी करेगा।
सिंचाई के मोर्चे पर भी कई फैसले हुए। दतिया की मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना को 2026-27 से 2030-31 तक 1,608.02 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे जिले के 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बनेगी। नीमच की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना को 524 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। गांधीसागर जलाशय से पानी उठाकर जिले के 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र को सींचा जाएगा।
उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के लिए 358 करोड़ 22 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। मकसद शिप्रा नदी में कान्ह का प्रदूषित पानी जाने से रोकना है। यह काम 2028 के सिंहस्थ को ध्यान में रखकर चल रहा है। प्रदूषित पानी को 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी नहर से गंभीर नदी तक पहुंचाया जाएगा। सागर के बण्डा में धसान नदी पर प्रस्तावित बृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।
न्याय व्यवस्था, ग्रामीण विकास और नए शुल्क
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 योजनाएं 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी। इनके लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इसमें हाईकोर्ट भवन और आवासीय परिसर के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357 करोड़ 77 लाख रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी भवन के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अधिवक्ता कल्याण, एडीआर सेंटर, लोक अदालत, आईटी और पुस्तकालय के लिए भी राशि दी गई है।
हाईकोर्ट के पंजीयक के अंतर्गत निर्वाह पत्र तामिल योजना के लिए 622 करोड़ 37 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। इससे अधीनस्थ अदालतों में तैनात प्रोसेस सर्वरों का वेतन, भत्ते और यात्रा देयक दिए जाते हैं। केंद्र प्रवर्तित योजना न्यायालय भवनों का निर्माण में केंद्र की तय सीमा से ऊपर की 691 करोड़ 1 लाख रुपये की देनदारी राज्य अपनी योजना की राशि से चुकाएगा।
भूमि अंतरण पर उपकर को ग्रामीण विकास निधि में डालने की योजना 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी। इसके लिए 3,580.22 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यह पैसा जनपद और जिला पंचायतों के जरिए गांवों में बुनियादी ढांचे पर खर्च होता है।
विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु कल्याण विभाग के छात्रावासों, आश्रमों और सामुदायिक कल्याण केंद्रों में रहने वालों को 1 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न मिलेगा। अभी तक यह सुविधा अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों में थी। मऊगंज, छिंदवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ में नए जिला हाथकरघा कार्यालय खुलेंगे। हर दफ्तर में 3 पद होंगे, यानी कुल 12 नए पद बनेंगे। इसके लिए 2 करोड़ 41 लाख रुपये मंजूर हुए हैं।
वनोपज परिवहन के अभिवहन शुल्क की नई दरें भी तय हुई हैं। सामान्य वनोपज पर एक घनमीटर तक 200 रुपये लगेंगे। इससे ज्यादा मात्रा होने पर पहले घनमीटर के 200 रुपये और हर अतिरिक्त घनमीटर के 100 रुपये देने होंगे। अतिरिक्त मात्रा आधे घनमीटर से कम हो तो गिनती शून्य मानी जाएगी, आधे से ज्यादा हो तो पूरा एक घनमीटर गिना जाएगा।
खनिजों पर प्रति टन शुल्क तय हुआ है। लाइम स्टोन, डोलोमाइट, कोयला, बॉक्साइट, आयरन अयस्क जैसे पहली श्रेणी के खनिजों पर 81 रुपये प्रति टन लगेगा। फ्लैग स्टोन, ग्रेनाइट, मार्बल और मिट्टी पत्थर जैसे दूसरी श्रेणी के खनिजों पर 52 रुपये प्रति टन देना होगा।
भोपाल का मास्टर प्लान और पर्यटन
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भोपाल में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस मौके पर मौजूद थे। सालों से अटका भोपाल का मास्टर प्लान भी जारी हुआ है। अब शहर के लोगों से सुझाव मांगे जा रहे हैं।
यूनेस्को में शामिल स्थलों का विकास
यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में भारत के 78 स्थल हैं। इनमें से मध्य प्रदेश के 19 स्थल शामिल हैं। बाग गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएं इनमें शामिल हैं। सरकार के अनुसार पर्यटन सिर्फ विरासत की पहचान नहीं, रोजगार और स्थानीय विकास का बड़ा जरिया भी है। प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ रही है और टाइगर रिजर्व व अभ्यारणों को भी विकसित किया जा रहा है।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिंदी फिल्मों के जाने माने अभिनेता मुश्ताक खाने को श्रंद्धांजलि दी। बालाघाट में जन्मे और पले बढ़े मुश्ताक खान ने करीब 500 फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई