जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर में वाहन चेकिंग के दौरान अधिवक्ता और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद पर सुनवाई की है। इस दौरान कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और कानून के दायरे में आवश्यक कदम उठाए जाएं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने वाहन चेकिंग की प्रक्रिया पर भी अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वाहन की चाबी छीनना, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना या अनावश्यक विवाद करना उचित नहीं है। साथ ही पुलिस और अधिवक्ताओं दोनों को कानून के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी।
दरअसल, मामला ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एक अधिवक्ता और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। अदालत ने साफ किया कि कानून लागू करने वालों और कानून की पैरवी करने वालों, दोनों की जिम्मेदारी है कि वे अपने आचरण से कानून की गरिमा बनाए रखें।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को दी नसीहत
जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान धैर्य, शिष्टाचार और संयम बनाए रखना जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि वाहन चेकिंग के समय चाबी छीनने, अभद्र भाषा के इस्तेमाल और अनावश्यक बहस की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं, जबकि ऐसी कार्यशैली स्वीकार्य नहीं मानी जा सकती।
अधिवक्ताओं को भी कानून पालन की सीख
सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिवक्ताओं की भूमिका पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि कानून की रक्षा करने वाले वकीलों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करें। कानून की प्रतिष्ठा केवल दलीलों से नहीं बल्कि व्यवहार से भी कायम रहती है।
11 जुलाई की घटना से जुड़ा है मामला
याचिका के अनुसार 11 जुलाई 2026 को ट्रैफिक चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक अधिवक्ता की गाड़ी रोकी। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की गई। घटना के बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित अधिवक्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया।
एसपी को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश
राज्य सरकार और याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने एसपी को शिकायत पर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अदालत की टिप्पणी ऐसे मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून के पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है।