SIR फाइनल लिस्ट में 2.36 लाख नाम कटे

MP में फाइनल SIR लिस्ट के बाद कटे 2. 36 वोटर्स, वहीं, 8.49 लाख नए नाम जोड़े गए

एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मध्यप्रदेश में 2.36 लाख नाम हटे और 8.49 लाख नए मतदाता जुड़े। अब कुल 5.39 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं।

By : संजय चतुर्वेदी
MP में फाइनल SIR लिस्ट के बाद कटे 2. 36 वोटर्स, वहीं, 8.49 लाख नए नाम जोड़े गए

भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्यप्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर शनिवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन के साथ ही पूरा हो गया है। अब एसआईआर के बाद 2.36 लाख नाम काटे गए, तो 8.49 लाख नाम जोड़े गए। यह जानकारी प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने पत्रकारों को दी।  


उन्होंने बताया कि जो नाम काटे गए, वे अपात्र या डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। अबअंतिम मतदाता सूची में लगभग 8 लाख 49 हजार नए मतदाताओं को जगह मिली है। इस तरह मध्यप्रदेश में अब कुल 5.39 करोड़ मतदाता रह गए हैं। जबकि एसआईआर से पहले प्रदेश में कुल 5.74 करोड़ मतदाता थे। 

इंदौर-भोपाल में बढ़े वोटर्स

झा ने बताया कि भोपाल और इंदौर में ग्रोथ रेट 3.46 प्रतिशत रहा। स्कूटनी और वेरिफिकेशन के बाद मध्यप्रदेश की औसत वोटर ग्रोथ 1.60 प्रतिशत रही। इस मामले में भोपाल और इंदौर इस ग्रोथ से भी आगे रहा। भोपाल में 3.46 प्रतिशत और इंदौर में 2.76 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पूरे मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा रहा है।

नाम काटने में भोपाल जिला रहा अव्वल

उन्होंने बताया कि जिलों में सबसे उपर इंदौर रहा, जहां सर्वाधिक 84 हजार 293 नए वोटर जोड़े, तो 17 हजार 468 वोटरों के नाम लिस्ट से काटे गए। इस तरह कुल 24 लाख 20 हजार 171 वोटर रिकार्ड किए गए, जो पूरे मध्यप्रदेश में किसी भी शहर में सबसे ज्यादा है। नाम जोडऩे में भोपाल जिला दूसरे पायदान पर रहा। लेकिन नाम काटने में टॉप पर रहा। यहां 82 हजार 36 नए वोटरों के नाम जुड़े, तो 23 हजार 616 अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए। इस तरह भोपाल के सातों विधानसभाओं में कुल 16.87 लाख नाम अंतिम मतदाता सूची दर्ज हुए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने एसआईआर प्रक्रिया में मिले सहयोग के लिए प्रदेश के मतदाताओं का आभार माना।

ऐसे चली एसआईआर प्रक्रिया
 
- 27 अक्टूबर 2025 से राज्य में एसआईआर प्रक्रिया आरंभ हुई, जोकि 4 माह तक विभिन्न चरणों में व्यापक एवं प्रभावी कार्यवाही हुई।
- मतदाता सूची में नाम जोडऩे, विलोपन एवं संशोधन आदि के संबंध में दावे एवं आपत्तियां 23 दिसंबर से 22 जनवरी तक लिए गए। इसके बाद 14 फरवरी तक दावे-आपत्तियों का सत्यापन किया गया।
- एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने में 55 जिला निर्वाचन, 230 निर्वाचक पंजीकरण, 533 एईआरओ अधिकारी लगे। वही 71,930 बीएलओ, अनेक वालंटियर्स की सहयोग रहा।
- बीएलओ घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर दिवंगत, स्थानांतरित तथा 2 स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान किए। खास बात ये रहा कि बीएलओ इस प्रक्रिया में घर-द्वार छोडक़र 15-17 घंटे तक कार्य में लगे रहे।

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