भोपाल। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के बैनर तले टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के चौथे दिन उज्जैन संभाग के बड़ी संख्या में शिक्षक धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया।
सरकार से टीईटी मुक्ति प्रस्ताव की मांग
धरने को संबोधित करते हुए शिक्षक नेताओं ने मध्यप्रदेश सरकार से मांग की कि तमिलनाडु एवं जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी टीईटी मुक्ति का प्रस्ताव पारित किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का विषय गंभीर है। सरकार को शिक्षकों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
आंदोलन में उठ रही प्रमुख मांगें
शिक्षक नेताओं ने कहा कि आंदोलन के माध्यम से टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करने तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था से संबंधित समस्याओं का समाधान करने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है। शिक्षकों ने मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
शिक्षक नेताओं ने की अपील
धरने को संयुक्त मोर्चा के जगदीश यादव, मनोहर दुबे, राकेश दुबे, राकेश नायक, राकेश पटेल, डी.के. सिंगौर एवं परमानंद डेहरिया सहित अन्य शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। नेताओं ने प्रदेश के शिक्षकों से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की।
उपेन्द्र कौशल
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश
सदस्य, अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश