सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद TET को लेकर बढ़ी हलचल, मध्य प्रदेश में ESB जल्द जारी कर सकता है परीक्षा कार्यक्रम
भोपाल: मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने वर्ष 2026 के परीक्षा कैलेंडर में सेवारत शिक्षकों की TET को शामिल करते हुए इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा सितंबर-अक्टूबर 2026 में आयोजित हो सकती है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के एक अहम आदेश के बाद TET की अनिवार्यता को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्यों बढ़ी चिंता?
सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 को दिए गए अपने आदेश में कहा कि राज्यों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) नियमित रूप से आयोजित करनी चाहिए। अदालत ने सामान्य तौर पर हर छह महीने के अंतराल पर परीक्षा कराने की बात कही, ताकि शिक्षक समय पर आवश्यक पात्रता हासिल कर सकें। छत्तीसगढ़ में कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करने का अवसर दिया गया है।हालांकि, यह समय-सीमा छत्तीसगढ़ के मामले से संबंधित है। मध्य प्रदेश में फिलहाल ऐसी कोई अंतिम समय-सीमा घोषित नहीं की गई है, लेकिन TET को लेकर तैयारियां तेज होने से यहां के शिक्षकों की भी नजर आगामी परीक्षा पर टिकी हुई है।
MP में ESB ने शुरू की तैयारी

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने अपने संभावित परीक्षा कार्यक्रम में सेवारत शिक्षकों की TET को सितंबर-अक्टूबर 2026 के लिए प्रस्तावित किया है। स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षा की जिम्मेदारी पहले ही ESB को सौंप चुका है और परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जा सकती है। इस परीक्षा में प्रदेश के एक लाख से अधिक सेवारत शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है।
नौकरी और प्रमोशन पर क्या पड़ सकता है असर?
शिक्षक संगठनों का कहना है कि TET अब केवल एक औपचारिक परीक्षा नहीं रह गई है। भविष्य में इसकी पात्रता का असर पदोन्नति और सेवा संबंधी प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है। हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने अभी इस संबंध में कोई अलग आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस विषय पर नजर बनी हुई है।
NCTE के नियमों से जुड़ा है मामला
शिक्षक पात्रता परीक्षा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित की जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर CTET और राज्य स्तर पर अलग-अलग एजेंसियां TET आयोजित करती हैं। मध्य प्रदेश में यह परीक्षा ESB और छत्तीसगढ़ में CG Vyapam कराता है।
शिक्षक संगठनों की मांग
शिक्षक संगठनों का तर्क है कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त कई शिक्षकों की भर्ती के समय TET अनिवार्य नहीं थी। इसलिए लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को इस शर्त से राहत दी जानी चाहिए। इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों में शिक्षक संगठन अपनी-अपनी मांग सरकार के सामने रख रहे हैं।
क्या करें शिक्षक?
मध्य प्रदेश में परीक्षा की तारीख कभी भी घोषित हो सकती है। ऐसे में सेवारत शिक्षकों को ESB की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने और परीक्षा की तैयारी शुरू करने की सलाह दी जा रही है। आने वाले महीनों में TET प्रदेश के शिक्षकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक रहने वाली है।