मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। दिन में गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ने लगी है। 26 अक्टूबर के मौसम आंकड़ों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब को लेकर तटीय राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मध्यप्रदेश में इसके असर को लेकर फिलहाल नए पूर्वानुमानों का इंतजार है।
उज्जैन में सबसे ज्यादा तापमान, पचमढ़ी में रातें ठंडी
मौसम विभाग के 26 अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। उज्जैन 35 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा। धार और खंडवा में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री, जबकि सागर और खजुराहो में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.राजधानी भोपाल में पारा 33 डिग्री रहा। वहीं इंदौर में 33.2, ग्वालियर में 33.9 और जबलपुर में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.दूसरी ओर, रात के तापमान में अपेक्षाकृत ठंडक बनी हुई है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और मलाजखंड में 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में यह अंतर अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम की खास स्थिति को दर्शाता है।
बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ चक्रवात अर्नब
मध्यप्रदेश के मौसम के बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब भी चर्चा में है। उपलब्ध मौसम बुलेटिन के अनुसार, 26 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। इसकी स्थिति विशाखापत्तनम से करीब 490 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में बताई गई थी.पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान के और शक्तिशाली होने की आशंका जताई गई थी। इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के नजदीक तट पार करने का अनुमान दिया गया था।
140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
चक्रवात के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। इसके चलते आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बताया गया। इन क्षेत्रों के लिए रेड चेतावनी जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई।
मध्यप्रदेश में चक्रवात का कितना असर
फिलहाल उपलब्ध बुलेटिन में मध्यप्रदेश के लिए चक्रवात के सीधे प्रभाव को लेकर कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। इसलिए यह मानना जल्दबाजी होगी कि तूफान के कारण प्रदेश में बारिश या तापमान में बड़ा बदलाव जरूर आएगा.अब नजर मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर रहेगी। उससे साफ हो सकेगा कि चक्रवात का अप्रत्यक्ष असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ने की कितनी संभावना है और दिन-रात के तापमान में आगे क्या बदलाव देखने को मिल सकता है।