भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब थम चुकी है और मौसम विभाग के संकेत हैं कि इसकी विदाई ज्यादा दूर नहीं। बीते 24 घंटों में रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि बाकी प्रदेश में मौसम ज्यादातर सूखा रहा। अगले 24 घंटे में भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बौछारें पड़ सकती हैं। राहत की बात यह है कि प्रदेश में किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं हुई है।
इन 13 जिलों में हो सकती है हल्की बारिश
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर में कहीं-कहीं बौछारें या गरज-चमक का अनुमान जताया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
विदाई के लिए बन रहे हालात
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा फिलहाल गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है। अगले दो से तीन दिन में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बचे हिस्सों के साथ गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों से मानसून लौटने के हालात बन सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड से इसकी पूरी वापसी और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से आगे बढ़ने के आसार भी हैं।
सीजन में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश
1 जून से 30 सितंबर तक मध्य प्रदेश में बारिश दीर्घावधि औसत से 4 प्रतिशत कम रही। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा पानी गिरा, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में आंकड़ा सामान्य से 12 प्रतिशत नीचे रहा।
अगले दो दिन चढ़ेगा पारा
अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। उसके बाद तापमान में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। मानसून के जाने के साथ कई हिस्सों में दिन की गर्मी बढ़ेगी और मौसम ज्यादा सूखा रहेगा।