भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अभी थमा नहीं है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। जबलपुर और शहडोल संभाग के ज्यादातर जिलों में पानी बरसा, तो नर्मदापुरम और रीवा संभाग में भी कई जगह बादल जमकर बरसे। भोपाल और सागर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई, जबकि इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में इक्का-दुक्का जगहों पर बूंदाबांदी दर्ज हुई।
किस जिले में कितनी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सबसे ज्यादा बारिश बैतूल में हुई, यहां 34.6 मिलीमीटर पानी गिरा। इसके पीछे दमोह में 28 मिलीमीटर, जबलपुर में 18.2 मिलीमीटर, उमरिया में 16.7 मिलीमीटर और नर्मदापुरम-मलाजखंड में 16.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
अगले चौबीस घंटे किन जिलों पर पड़ेगा ज्यादा असर
मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
पूरे प्रदेश में आंधी-बिजली की चेतावनी
अगले एक दिन के दौरान मध्य प्रदेश के लगभग हर जिले में कहीं न कहीं बिजली गिरने और गरज-चमक की आशंका है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है, इसलिए लोगों को खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना वजह
इस बदलते मौसम के पीछे बंगाल की खाड़ी में बना एक सक्रिय सिस्टम मुख्य वजह है। पूर्व-मध्य और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर खिसक रहा है। अनुमान है कि यह अगले 24 घंटों में और गहरा होकर अवदाब और फिर गहरे अवदाब में तब्दील हो जाएगा। इसके 23 सितंबर की सुबह तक उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों के करीब पहुंचने का अनुमान है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है, और जम्मू-कश्मीर के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो चुका है। इन तीनों मौसमी सिस्टम के मिले-जुले असर से मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिन तक बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है।
राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू
इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सफर भी आगे बढ़ चुका है। 21 सितंबर को मानसून राजस्थान के कुछ और भागों के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों से भी लौट चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो-तीन दिनों में पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, राजस्थान के शेष भागों के अलावा सौराष्ट्र-कच्छ, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से भी मानसून की विदाई के लिए हालात अनुकूल बनते दिख रहे हैं।