भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने चार अक्टूबर को इंदौर के 30 केंद्रों पर सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2025 आयोजित किया है। इसमें लगभग 1239 पदों के लिए पूरे प्रदेश के 12 हजार अभ्यर्थी चार विषयों भौतिक, रसायन, गणित और इतिहास के लिए ऑफलाइन पद्धति से दो सत्रों में परीक्षा देंगे। उस दिन प्रथम सत्र प्रात: 10 से 11 बजे तक तथा द्वितीय सत्र दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक होगी।
सिर्फ इंदौर में क्यों रखी गई परीक्षा
आयोग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ रविंद्र पंचभाई ने बताया कि अभ्यर्थियों की संख्या कम होने से परीक्षा केवल इंदौर में रखी गई है। परीक्षा में निर्विघ्न, सुव्यवस्थित एवं शुचितापूर्ण संचालन तथा पारदर्शिता रहेगी। इसके लिए परीक्षा केन्द्रों पर नवीन त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया लागू की गई है। इसके अंतर्गत सीसीटीवी सर्विलेंस, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग, एचएचएमडी (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) के माध्यम से तलाशी तथा वीओआईपी की व्यवस्था की गई है। यह संपूर्ण प्रक्रिया आयोग की अनुबंधित एजेंसी एसपीए करेगी।
परीक्षा से 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी
उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को परीक्षा समय से 90 मिनट पूर्व पहुंचना अनिवार्य है, ताकि प्रवेश संबंधी सभी आवश्यक जांच प्रक्रियाएं निर्धारित समय में पूरी की जा सकें। परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों की त्रिस्तरीय जांच की जाएगी। परीक्षा केन्द्र के प्रवेश द्वार के समीप अनुमत एवं वर्जित वस्तुओं की सूची चस्पा की जाएगी, जिसका परीक्षार्थियों को पूर्णत: पालन करना होगा।
तलाशी और ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए विकल्प
परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश के दौरान महिला और पुरुष परीक्षार्थियों की एचएचएमडी के माध्यम से निर्धारित केबिन में तलाशी की जाएगी। ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को अपनी तलाशी महिला अथवा पुरुष कर्मचारी से करवाने का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
केंद्र पर क्या ले जा सकेंगे
डॉ पंचभाई ने बताया कि परीक्षा केन्द्र पर केवल बॉल पेन, पानी की एक पारदर्शी बोतल, ई-प्रवेश पत्र तथा पहचान पत्र लाने की अनुमति रहेगी। इसके अतिरिक्त आवश्यक दवाइयां भी साथ लाई जा सकेंगी।