इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में नर्मदा का जलस्तर सामान्य से नीचे चला गया है। इसी बीच ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने इंदौरवासियों की चिंता और बढ़ा दी है। दरअसल, बायपास पर पाइपलाइन फूटने से सड़क पर लाखों लीटर पानी बहता दिखा। रिपोर्ट के अनुसार इस घटना में करीब 3 से 4 एमएलडी पानी बर्बाद होने का अनुमान है।
बता दें कि शहर की आबादी के साथ पानी की जरूरत बढ़ती जा रही है। वहीं, बारिश की कमी के चलते जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। ऐसे में गिरता वाटर लेवल और बहता पानी दोनों ही चिंता की बात हैं।
बायपास पर फूटी पाइपलाइन से बहा पानी
दरअसल, इंदौर बायपास से बंगाली चौराहे के बीच अचानक पानी की पाइपलाइन फट गई और पानी सड़क पर फैल गया। अनुमान है कि इससे 3 से 4 एमएलडी पानी बेकार चला गया। जब शहर में सप्लाई को लेकर फिक्र बढ़ रही हो, तब इतनी बड़ी मात्रा में पानी का बह जाना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
इंदौर को रोज कितना पानी चाहिए
जानकारी के लिए बता दें कि शहर को हर दिन करीब 545 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। इसमें से लगभग 415 एमएलडी पानी नर्मदा परियोजना से मिलता है। यानी इंदौर की प्यास बुझाने में नर्मदा सप्लाई पर निर्भरता सबसे ज्यादा है।
नर्मदा का जलस्तर गिरने से पंपिंग पर असर का डर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नर्मदा का जलस्तर सामान्य स्तर से नीचे है। ओंकारेश्वर में गिरावट दर्ज की गई है और मंडलेश्वर में भी सामान्य के मुकाबले स्तर कम बताया गया है। रिपोर्ट में ओंकारेश्वर का जलस्तर करीब 146 मीटर नीचे लिखा गया है। कम बारिश की वजह से जलसंकट की आशंका बढ़ी है और इसका असर पंपिंग व शहर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था पर पड़ सकता है।
नगर निगम की तैयारी पर सवाल
इतनी बड़ी जरूरत और नर्मदा पर इतनी निर्भरता के बीच सवाल यह है कि पानी बचाने और सप्लाई बनाए रखने की तैयारी काफी है या नहीं। पानी की बर्बादी रोकने, पाइपलाइन की मरम्मत और सप्लाई पर लगातार निगरानी नगर निगम के जिम्मे है। लोगों को भी पानी सोच-समझकर खर्च करना होगा, क्योंकि संकट के वक्त हर बूंद मायने रखती है।