भोपाल। मध्य प्रदेश में 21 साल बाद लौटी सरकारी बस सेवा के शुभारंभ के मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद नई ई-बस में सवार हुए। दरअसल, भोपाल के भेल दशहरा मैदान से हरी झंडी दिखाने के बाद दोनों नेताओं ने बस के भीतर बैठकर यात्री सुविधाओं, लेगरूम, एयर वेंट और सुरक्षा फीचर्स को बारीकी से परखा। इस दौरान 180 अत्याधुनिक ई-बसों का काफिला कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बना रहा।
प्रदूषण की जिम्मेदारी गडकरी ने खुद ली
मंच से बोलते हुए गडकरी ने अपने उसी बेबाक अंदाज में कहा कि देश के कुल वायु प्रदूषण में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी सिर्फ ट्रांसपोर्ट सेक्टर की है। उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा कि केंद्रीय मंत्री होने के नाते देश के प्रदूषण के लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। वहीं, मध्य प्रदेश में इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री मोहन यादव की है। गडकरी ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता क्लीन ट्रांसपोर्ट है। ताकि आम जनता को सस्ता, सुलभ और प्रदूषण मुक्त सफर मिल सके।
बस क्वालिटी पर गडकरी की खरी-खरी चेतावनी
कार्यक्रम में मौजूद् ऑल इंडिया बस एंड कार कन्फेडरेशन के अध्यक्ष प्रसन्ना पटवर्धन की ओर इशारा करते हुए गडकरी ने बसों की गुणवत्ता को लेकर तीखी नसीहत दी। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि बसें अभी तय मानकों पर खरी नहीं उतर रहीं और अगर कंपनियों ने सुधार नहीं किया। तब जिस तरह वे खराब काम करने वाले ठेकेदारों को रगड़ते हैं, उसी तरह बस ऑपरेटरों को भी रगड़ दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गरीब तबके को भी एसी बस की सुविधा मिलनी चाहिए और ई-बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में कम से कम 30 प्रतिशत सस्ता रखा जाना चाहिए।
सीएम मोहन यादव का एक साल में 100000 भर्ती का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मौके पर युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार अगले एक साल के भीतर प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती निकालेगी। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में राज्य परिवहन निगम को बंद कर दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार ने पांच लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का नेटवर्क खड़ा किया है। साथ ही अब 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को सीधे बस सेवा से जोड़ा जाएगा। बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कोई राजकुमार खुद को प्रधानमंत्री बनने के लिए ही पैदा हुआ मानता है। लेकिन यह लोकतंत्र है और जनता सब समझती है। सीएम ने भोपाल से बीआरटीएस हटाने और यूनियन कार्बाइड के पुराने जहरीले कचरे के निपटारे को भी अपनी सरकार की उपलब्धि बताया।
एक नजर में देखें सुगम परिवहन सेवा की प्रमुख बातें
-शुरुआती बेडे़ में कुल 351 बसें शामिल हैं। इनमें 180 इलेक्ट्रिक और 171 आधुनिक बसें हैं।
-किराया 2 रुपये प्रति किलोमीटर रखा गया है। इसका संचालन पीपीपी मॉडल पर होगा।
-सात प्रमुख शहरों में बसें बांटी गई हैं। इंदौर को 145, भोपाल को 106, जबलपुर को 67, रीवा को 18,देवास को 10, कटनी 3 और भिंड 2 बसें मिली हैं।
- सरकार का लक्ष्य पहले साल में 1500 बसें और 2031 तक कुल 15000 बसें चलाने का है।
-तकनीकी रूप से इन बसों में 423.9 kWh की एलएफपी बैटरी, 12 मीटर लंबाई, एयर सस्पेंशन के साथ ईबीएस-ईएससी ब्रेकिंग सिस्टम और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं।